चंडीगढ़। बिजली की मीटर लगाने के नाम पर गुजरात सरकार के पूर्व सलाहकार व रिटायर्ड एयर मार्शल रविंदर कुमार से 3.26 लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने 8 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कोलकाता निवासी नीरज गुप्ता (25), उसका भाई धीरज कुमार (22), झारखंड के जिला देवघर निवासी शहनवाज अंसारी (23), यूसुफ अंसारी (20), तनवीर आलम (23), इरफान अंसारी (22) और झारखंड के जिला दुमका निवासी साफिक अंसारी उर्फ गुड्डू (23) के रूप में हुई है। आरोपी खड़गपुर में किराए के कमरे में एक फर्जी कॉल सेंटर बनाकर ठगी की वारदात करते थे।
बता दें कि इससे पहले इस मामले में पुलिस ने जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) के गांव गोविंदापुर निवासी दन्ना खान (55), बिहार के सीवान जिले के गांव पिपरा निवासी सोनू कुमार पांडे (29), सीवन के ही गांव हरिहरपुर निवासी अनुज कुमार (26), जिला चंपारण के गांव करण कुदरिया निवासी गोविंदा कुमार (21) व अनूप तिवारी (32) को गिरफ्तार किया था।
चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस ने सात सितंबर 2022 को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सेक्टर-31 स्थित एयरफोर्स स्टेशन-12 विंग के रिटायर्ड एयर मार्शल व गुजरात सरकार के पूर्व सलाहकार रविंदर कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने सेक्टर-66-ए मोहाली स्थित सिग्नेचर टॉवर्स में एक फ्लैट खरीदा था। यहां उन्हें पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) का बिजली मीटर लगवाना था। गूगल पर सर्च कर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर निकाला और फोन किया तो अमित कुमार ने कॉल उठाई। उसने कहा कि गूगल पे से 25 रुपये ट्रांसफर कर दें। इसके बाद उसने गूगल पे यूपीआई को क्रेड के एसबीआई और एचडीएफसी बैंक खाते से लिंक करने को कहा। ऐसा करते ही उनके खाते से 3.26 लाख निकाल लिए। इसके बाद उन्हें पता चला कि उक्त नंबर फर्जी था और उनसे धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी। ज्यादातर आरोपी 10वीं पास हैं और यू ट्यूब से सीखकर ठगी करते थे।
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दन्ना खान की कंपनी में ट्रांसफर हुए थे रुपये
एसपी केतन बंसल व डीएसपी ए वेंकटेश ने इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की अगुवाई में जांच टीम बनाई। इस दौरान पता चला कि ठगी गई राशि में से 1.11 लाख रुपये मेसर्स डीके इंटरप्राइजेज के खाते में भेजे गए हैं। बरेली का दन्ना खान इसका प्रोपराइटर था। 23 नवंबर को उसे बरेली से दबोचा गया। वहीं, 1.2 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए रेजर पे से ट्रांसफर किए गए थे, जो बिहार के अनुज और सोनू के नाम पर थे। इसके बाद इन दोनों को बिहार से पकड़ा गया। उन्होंने पूछताछ में अनूप कुमार तिवारी व गोविंदा का नाम बताया, जिनकी मिलीभगत से रुपये ट्रांसफर किए गए और यही मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। इन दोनों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गोविंदा बिहार में अवैध शराब की तस्करी करता है। उसके खिलाफ गोपालगंज थाने में केस भी दर्ज है। वहीं, अनूप को बिहार पुलिस ने 1.5 करोड़ के काले धन के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी और वहीं से दोनों ने ठगी का धंधा शुरू करने की योजना बनाई। इसमें दन्ना खान, अनुज व सोनू को शामिल कर लिया। चौथी कक्षा तक पढ़ा दन्ना खान प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। सोनू व अनुज मोबाइल की दुकान चलाते हैं। आरोपी गोविंदा शराब की तस्करी करता है, वहीं अनूप एक सराफ की दुकान में अकाउंटेंट है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आठ और आरोपियों को दबोचा है।
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22 मोबाइल बरामद, अंसारी ने अमित बनकर किया था कॉल
साइबर सेल की टीम ने आरोपियों से 22 मोबाइल फोन, दो डेबिट कार्ड, दो एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड, एक पासबुक व अमित कुमार के नाम का एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया। पुलिस के अनुसार आरोपी साफिक अंसारी ने अमित कुमार बनकर रविंदर कुमार को फोन किया था। जिस फोन से कॉल की गई थी उसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। अन्य मोबाइलों से भी आरोपियों ने ठगी के शिकार बनाए थे। आरोपी घर से भी बाहर नहीं जाते थे। आरोपी विदेशी खातों को अपना शिकार ज्यादा बनाते थे।
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कोरोना के बाद बदला तरीका, जागरूकता ही बचाव
आरोपी पहले टावर लगवाने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। कोरोना के बाद उन्होंने तरीका बदला। उसके बाद आरोपियों ने गूगल पर बिजली का मीटर, कूरियर सर्विस हेल्पलाइन में कोडिंग कर अपने फोन नंबर डाल दिए। जब लोग सर्च करते थे तो इनका ही नंबर सामने आता था। लोग जब इनको कस्टमर केयर का नंबर समझ कर फोन करते थे तो यह लोगों को लाखों का चूना लगा देते थे। पुलिस के अनुसार लोग कंपनी की वेबसाइट से ही नंबर लें और ओटी किसी भी हालत में शेयर न कर करें। अभी तक इस साल 300 शिकायतें आ चुकी हैं।