पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रीवेंशन ऑफ क्रूल्टी टू एनिमल एक्ट के एक मामले में केंद्र सरकार, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन नामक स्वयं सेवी संस्था ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पोल्ट्री फार्म में बेटरी केज से पैदा हो रहे अंडों का मामला उठाया है।
याचिका में दलील दी गई है कि ए4 साइज की केज में मुर्गी को जीवन गुजारना पड़ता है। यह केज इतनी छोटी होती है कि मुर्गी हिल भी नहीं सकती।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने प्रीवेंशन ऑफ क्रूल्टी टू एनिमल एक्ट, 1960 के तहत नोटिस जारी किया है।
याचिका में कहा गया है कि पूरे भारत के पोल्ट्री फार्म में लगभग 200 मिलियन मुर्गियां बैटरी केज में रखी जाती हैं।