अपराधियों के पासपोर्ट रद्द करने और उन्हें वापस लाने को लेकर हरियाणा पुलिस ने पत्राचार की कार्यवाही शुरू
डीजीपी कपूर का दावा, राज्य में अपराधों में आई कमी, शिकायतकर्ताओं का संतुष्टि दर बढ़ा
चंडीगढ़। विदेश भेजने के नाम पर लोगों को ठगने वाले अपराधियों पर हरियाणा सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हरियाणा पुलिस ने बताया कि 42 अपराधी विदेश भाग गए हैं। ऐसे में इन अपराधियों के पासपोर्ट रद्द करने और उन्हें वापस भेजने को लेकर हरियाणा सरकार ने दूतावास के साथ पत्राचार शुरू कर दिया है। साथ ही हरियाणा पुलिस ने एक एसआईटी भी गठित की है। एसआईटी ने अब तक 646 मुकदमे दर्ज किए हैं, जबकि 521 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने दावा किया कि हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों में इस साल कमी दर्ज की गई है। सरल सेवा केन्द्रों के माध्यम से दी जा रही हरियाणा पुलिस की सुविधाओं व सेवाओं के लिए विभाग ने शत-प्रतिशत स्कोर किया है।
कपूर ने दावा करते हुए कहा कि राज्य में पिछले साल की तुलना में डकैती में 28.9 प्रतिशत, लूटमार में 18.1 प्रतिशत, छीनाझपटी में 3.9 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार, महिला अपराध जैसे कि अपहरण में 7.2, दुष्कर्म में 6.9, महिलाओं से छेड़छाड़ में 7.9, दहेज हत्या में 9.5 और दहेज प्रताड़ना में 8.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, प्रदेश में संतुष्टि दर का आंकड़ा बढ़कर 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि पुलिस विभाग की ऑनलाइन सेवाओं से 99 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपना फीडबैक देते हुए संतुष्टि दर्ज करवाई है।
कपूर ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधों को रोकने में बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिन साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में चार से पांच घंटे में पुलिस को सूचना मिली है। उन 70 फीसदी मामलों में पीड़ितों के पैसे बचाए गए हैं। नवंबर 2023 में साइबर फ्रॉड की राशि को होल्ड करने का प्रतिशत 29 फीसदी तक पहुंच गया है, जो साल की शुरुआत जनवरी के महीने में मात्र 10 फीसदी था। इसके अलावा 4,11,534 नागरिकों को साइबर हेल्पलाइन से सहायता मिली। इस साल साइबर अपराधियों के 61,493 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करवाया गया है। वहीं, 1,36,347 साइबर अपराधियों के बैंक अकाउंट को फ्रीज करवाया है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पंजाब से लगते शहरों में खेल प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं।
महिलाओं से अपराध के हॉटस्पॉट चिन्हित किए जा रहे
डीजीपी ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए राज्य के सभी जिलों में 4-4 महिला पुलिसकर्मियों की टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें स्कूल, कॉलेज और वर्कप्लेस में जाकर महिलाओं से बातचीत कर उन जगहों के बारे में बातचीत करती हैं, जहां उन्हें छेड़खानी या किसी अपराध का सामना करना पड़ता है। उसके आधार पर उन हॉट-स्पॉट पर पुलिस काम करती है। उन इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और निगरानी बढ़ाने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब तक आठ जिलों में ऑटो व कैब ड्राइवर का डेटाबेस तैयार किया जा चुका है। इन ऑटो व कैब में यूनिक नंबर चस्पा भी किए जा चुके हैं। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर फोन करने से डायल 112 की टीमें मात्र आठ मिनट में पुलिस पहुंच जाती है।
449 गैंग व 378 मोस्ट वांटेड अपराधी पकड़े
हरियाणा पुलिस के मुखिया ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत 3757 मामले दर्ज किए। इनमें से 5350 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई और बड़ी मात्रा में अवैध ड्रग्स जब्त की। इसी प्रकार 449 गैंग और 378 मोस्ट वांटेड पकड़े गए हैं। इस साल एक जनवरी से लेकर 30 नवंबर तक 7340 भगोड़े और 4970 बेल जंपरों को गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया पर अपराधियों की पोस्ट लाइक करने वाले पर नजर
सोशल मीडिया पर अपराधियों की पोस्ट लाइक करने वाले लोगों पर हरियाणा पुलिस कड़ी नजर रख रही है। ऐसे में प्रत्येक जिले में विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीम ऐसे युवाओं की पहचान करती है, जो अपराधियों की पोस्ट को लाइक व शेयर करते हैं। टीम ऐसे लोगों और उनके अभिभावकों बुलाकर उन युवाओं की काउंसलिंग करती है। इस मौके पर कपूर ने मीडियाकर्मी से अपील करते हुए कहा कि वे कुख्यात अपराधियों का महिमा मंडन करने से बचे और उनका प्रचार न करें। अपराधियों का महिमा मंडन क्राइम के लिए ऑक्सीजन का काम करता है, ऐसे में जरूरी है कि मीडियाकर्मी उनका नाम और फोटो छापने से बचे। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा करने से प्रदेश के युवा इनके प्रभाव में आ जाते हैं। इसलिए हम सभी को ऐसा करने से बचना चाहिए।