हरियाणा के स्कूलों में मिड डे मील की गाड़ी एक बार फिर पटरी से उतर गई है। अधिकतर स्कूलों में मिड डे मील खस्ताहाल है।
पानीपत और कैथल में स्थिति अधिक दयनीय है। ऐसा तब है जब बिहार में मिड डे मील खाने के बाद हुई बच्चों की मौत से पूरा देश सबक ले चुका है।
बिहार की घटना के बाद हरियाणा में मिड डे मील को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए। इसी के तहत राज्य में मंडल स्तर पर विभागीय अधिकारियों की कमेटियां बनाई गईं।
मुख्यालय स्तर पर भी मानीटरिंग की व्यवस्था की गई और शिकायत के संदर्भ में कंप्लेंट नंबर भी दिए गए, लेकिन नतीजा शून्य निकला। मिड डे मील की गुणवत्ता पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। पानीपत में मिड डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है और कैथल में मिड डे मील बंद होने की कगार पर है। हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रधान कुलभूषण शर्मा के मुताबिक कैथल में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान वजीर सिंह के मुताबिक राज्य में मानीटरिंग का काम ठप है। हम दो दिन पहले अधिकारियों से मिले थे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि कम से कम दस दिन लगेंगे।