पंजाब के विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों की पढ़ाई कराने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने इसके लिए एक नया विषय स्वागत जिंदगी स्कूलों के लिए अनिवार्य कर दिया है। यह विषय राज्य के सभी सरकारी, एफिलिएटेड, एसोसिएटेड, एडिड और अनएडिड स्कूलों में पढ़ाना जरूरी होगा। 2020-21 के शिक्षण सत्र से यह विषय स्कूलों में पढ़ाया जाएगा।
स्कूलों में नए विषय शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानक शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाना है। इससे विद्यार्थी समाज के जिम्मेदार और अच्छे नागरिक बन सकें। नैतिक मूल्यों पर आधारित यह नया विषय पूर्व-प्राथमिक से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
इस विषय के कुल 100 अंक होंगे, जिनमें 50 अंक लिखित और 50 अंक प्रायोगिक होंगे। बोर्ड की कक्षाओं (पांचवीं, आठवीं, 10वीं और 12वीं) के लिए पेपर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा तैयार किया जाएगा, जबकि अन्य कक्षाओं के लिए इस विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। स्कूल से प्राप्त हुए अंक और ग्रेड सर्टिफिकेट में दर्ज किये जाएंगे। इस विषय के लिए पाठ्यक्रम एससीईआरटी द्वारा तैयार किया गया है। इसके आधार पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा पुस्तकें प्रकाशित करवाकर विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्कूल मुखियों को हफ्ते में इस विषय का कम से कम एक पीरियड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी भी राज्य या देश का भविष्य बच्चे होते हैं। उनकी बेहतर शिक्षा होना जरूरी है। स्वस्थ्य समाज के लिए नैतिक मूल्यों का होना भी जरूरी है। पंजाब का भविष्य नैतिक मूल्यों से भरा हो, इसलिए सरकार ने स्वागत जिंदगी नया विषय शुरू किया है।
विजय इंदर सिंगला, शिक्षा मंत्री, पंजाब