600 करोड़ रुपये के पोंजी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को छह आरोपियों के खिलाफ करीब 2 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने चंडीगढ़ बेस मलयेशिया की कंपनी यूनीपेय टूयू मार्केटिंग प्राइवेंट लिमिटेड और यूनीगेटवे ट्रेडिंग कंपनी के छह डायरेक्टरों के खिलाफ मनी लांन्ड्रिग अधिनियम 45 के तहत आरोपी बनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय की कोर्ट में दायर चार्जशीट दायर में ईडी ने सौ के करीब गवाह बनाए हैं।
कंपनी के जिन छह डायरेक्टरों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, उनमें से केवल एक ही गिरफ्तार है। चार्जशीट में कंपनी के डायरेक्टर मुगुनधन गंगम, सेलाथुराई भास्कर, चेला धुरी, अमाल राज, राम कृष्णामूर्ति और कमल कुमार बक्शी के नाम शामिल हैं। इनमें से केवल कमल बक्शी ही गिरफ्तार हैं। उनकी जमानत याचिका जिला अदालत से खारिज हो चुकी है।
ईडी ने आरोपियों के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट 2002 के अधिनियम 3, 4 के तहत भी आरोप पत्र दायर किया है। ईडी ने 29 जुलाई 2017 को पोंजी घोटाले की जांच के लिए दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रेड की थी। इस दौरान कंपनी का एजेंट और चंडीगढ़ निवासी कमल बक्शी जो सेक्टर-36 थाना पुलिस में दर्ज एक मामले में भगौड़ा है उसे गुरुग्राम से पकड़ा था। वह इस घोटाले में भी आरोपी है। उसके खिलाफ पानीपत और गुरदासुपर में भी केस दर्ज हैं। ईडी ने रेड के बाद आरोपी की 4.18 करोड़ रुपये की संपत्ति भी सीज की थी। वहीं ईडी के अनुसार इस घोटाले का मास्टरमाइंड मलेशिया निवासी मुगुनधन गंगम है और वह वहीं छिपा हुआ है।