चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंडीगढ़ ने अवैध खनन की गतिविधि और रवनीत सभरवाल (मेसर्स तिरुपति रोडवेज की एकमात्र मालिक) की संपत्तियों के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत मेसर्स तिरुपति रोडवेज व अन्य की 1.62 करोड़ की अचल संपत्तियों को अंतिम रूप से कुर्क किया है।
दरअसल, ईडी ने हरियाणा के पंचकूला के रत्तेवाली गांव में अवैध खनन से संबंधित राज्य सतर्कता ब्यूरो पंचकूला की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी जिसमें रेत, बजरी, बोल्डर और अन्य की अनुमेय सीमा से अधिक खनन से हरियाणा सरकार को कम से कम 35 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। ईडी ने मामले में अपराध की आय (पीओसी) का पता लगाने और रवनीत सभरवाल के पति गुरप्रीत सिंह सभरवाल, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं की ओर से रखी गई अचल व चल संपत्तियों में अवैध खनन के माध्यम से उत्पन्न आय के आगे उपयोग के लिए अपनी जांच शुरू की। जांच के दौरान अवैध खनन के माध्यम से एकत्र की गई अवैध कमाई से खरीदी गई रवनीत सभरवाल की 1.62 करोड़ रुपये की भूमि के रूप में अचल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें बुधवार को कुर्क कर दिया गया। धन शोधन में शामिल अपराध/संपत्ति की आय के रूप में 1.62 करोड़ रुपये की भूमि के रूप में दो अचल संपत्तियों को पीएमएलए, 2002 के तहत अंतिम रूप से कुर्क किया गया है।