चंडीगढ़। ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के मामले में सोमवार को सीबीआई अदालत में फिर सुनवाई हुई। सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिमला के सहायक निदेशक विशालदीप के भाई विकासदीप व चचेरे भाई नीरज को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया और उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर, पांच दिन के रिमांड पर चल रहे ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप ने जांच के दौरान अपना वॉयस सैंपल देने से इन्कार कर दिया है। सीबीआई ने अदालत में आरोपी का वॉयल सैंपल लेने के लिए आवेदन दिया है।
दरअसल, सीबीआई ने विकासदीप व नीरज की गिरफ्तारी अभी तक केवल एक एफआईआर में डाली थी जबकि रिश्वत के दो मामले दर्ज किए गए थे। सीबीआई ने इन आरोपियों की दूसरे मामले में गिरफ्तारी डालने के लिए इनका प्रोडक्शन वारंट जारी करवाने के लिए अदालत में आवेदन दायर किया था। अदालत के आदेश पर सीबीआई ने दाेनों आरोपियों को अदालत में लेकर पहुंची और इनका रिमांड नहीं मांगें जाने के कारण दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वॉयस सैंपल लेने के लिए दायर किया गया आवेदन
सीबीआई ने अंबाला सेंट्रल जेल से सहायक निदेशक विशालदीप को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पांच दिन का रिमांड ले रखा है। उससे रिश्वत के मामले में कई सवाल किए गए। सीबीआई ने आरोपी से रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग के मिलान के लिए वॉयस सैंपल देने से इन्कार कर दिया। सीबीआई ने सोमवार को विशालदीप का वॉयस सैंपल लेने के लिए आवेदन दिया है।