तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को कार्डियक अरेस्ट के बाद एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेंबरेन ऑक्सीजेनेशन (ईसीएमओ) में रखा गया था। शहर के कार्डियोलाजिस्ट ने बताया कि ईसीएमओ एक प्रकार का लाइफ सपोर्ट सिस्टम है। इसमें अतिगंभीर पेशेंट को रखा जाता है। इसका इस्तेमाल तभी किया जाता है, जब किसी मरीज का हार्ट और लंग्स (फेफड़े) काम करना बंद कर देता हैं। इस मशीन के माध्यम से रोगी के रक्त को आक्सीजेनेट और शुद्ध किया जाता है।
रोगी की खून की नस को मशीन के साथ जोड़ा जाता और खून मशीन में जाकर फिर से शरीर में जाता है। जब रक्त मशीन के अंदर जाता है तो उसे शुद्ध आक्सीजन मिलती है और रक्त को शुद्ध करता है, जो हार्ट और लंग्स को रिकवर करने में मदद करता है। पीजीआई और जीएमसीएच-32 में तो फिलहाल यह सुविधा नहीं है। एम्स में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। यूएस में काफी तादात में इसका इस्तेमाल होता है।