पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि भले ही अधिकतम 300 अर्जित अवकाशों को कैश किया जा सकता है परंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि अर्जित अवकाशों की अधिकतम सीमा 300 है।
हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए जयपाल फौगाट व अन्य की ओर से दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए हरियाणा सरकार के फैसले को खारिज कर दिया।
इस मामले में याचिका दाखिल करते हुए जयपाल व अन्य की ओर से कहा गया कि वे अधिकतम 300 अर्जित अवकाशों को कैश करने के लिए योग्य हैं। जब वे रिटायर हुए तो उन्हें केवल 257 दिन के अर्जित अवकाश का लाभ दिया गया।
एक अन्य याची ने कहा कि उसे 268 दिन के लीव इनकैशमेंट का लाभ मिलना चाहिए था परंतु उसे केवल 211 दिन का लाभ दिया गया। इसके बाद याची से हाईकोर्ट ने इस बारे में ब्योरा रखने को कहा।
इसको जांचने के बाद पता चला कि याचियों के अर्जित अवकाशों की संख्या 350 से अधिक थी परंतु इसे 300 तक सीमित करने के लिए बाकी अवकाशों को काट लिया गया। इसके पीछे अधिकतम 300 अवकाशों की इनकैशमेंट होने की दलील दी गई।