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पीजीआई में जहरीला इंजेक्शन लगाने का मामला: कर्ज उतारने को ली थी मौत की सुपारी... इस वजह से फेल हो गया प्लान

Fri, 24 Nov 2023 02:02 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो परीक्षित सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

गायनी वार्ड में पुरुषों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक होने के चलते आरोपी युवती जसप्रीत कौर को कांट्रेक्ट किलिंग का जिम्मा सौंपा गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने जसप्रीत को तीन हजार रुपये प्रति दिन के चार्ज के हिसाब भर्ती मरीज के केयर टेकर काम करने की बात कहकर लाए थे।
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इंजेक्शन लगाने वाली संदिग्ध महिला की फोटो और गंभीर हालत में भर्ती मरीज। - फोटो : परिजन
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई के गायनी वार्ड में दाखिल महिला मरीज हरमीत कौर को जहरीला इंजेक्शन लगाने के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि आरोपी कांट्रेक्ट किलर मंदीप सिंह पहले खुद ही महिला को मारने वाला था। आरोपी ने इसके लिए वारदात से पहले करीब तीन दिन तक पीजीआई की रेकी भी की। रेकी के दौरान सबसे पहले आईसीयू में पहुंचकर मरीजों की सूची देखी। सुपारी किलर मंदीप वारदात को अंजाम दे देता, लेकिन महिला को गायनी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
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गायनी वार्ड में पुरुषों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक होने के चलते उसने आरोपी युवती जसप्रीत कौर को कांट्रेक्ट किलिंग का जिम्मा सौंपा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने जसप्रीत को तीन हजार रुपये प्रति दिन के चार्ज के हिसाब भर्ती मरीज के केयर टेकर काम करने की बात कहकर लाए थे। आरोपी युवती जसप्रीत की रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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वहीं दूसरी ओर पुलिस वीरवार को गिरफ्तार आरोपी मंदीप और बूटा सिंह को लेकर पटियाला पहुंची थी। यहां से पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वह इंजेक्शन और जहरीला द्रव्य बरामद किया है, जो पीजीआई में भर्ती महिला को लगाया गया था। पुलिस ने जहरीले इंजेक्शन में इस्तेमाल की गई नींद की गोलियों के पत्ते और कांट्रेक्ट किलिंग के लिए एडवांस के तौर पर दी गई 50 हजार रुपये में से कुछ रकम भी बरामद की है। 

साथ ही आरोपियों द्वारा वारदात को अंजाम देने के दौरान इस्तेमाल की गई पंजाब नंबर की अरटिगा कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस ने मामले में गहनता से जांच के लिए आरोपियों के घर वालों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।

विकल्प के तौर पर रखा था एक और इंजेक्शन...
सूत्रों मुताबिक आरोपी आरोपी मंदीप सिंह ने जहरीला इंजेक्शन बनाने के लिए सबसे पहले यूट्यूब पर 'हाउ टू मेक पॉयजन' डालकर सर्च किया। आरोपी ने बताया कि यूट्यूब में उसे दो-तीन तरीके सबसे सही लगे। जिसमें सबसे पहले उसे धतूरे के अंदर मौजूद बीज का इस्तेमाल करते हुए जहर बनाने का तरीका पसंद आया था। लेकिन उससे बेहतर उसे कॉकरोच मारने वाला हिट, सैनेटाइजर और नींद की गोलियां मिलाकर तैयार होने वाला जहर लगा।

आरोपी ने इसी तरीके को अपनाते हुए तैयार किए जहरीले द्रव्य के 5-5 एमएल के दो इंजेक्शन तैयार किए थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वारदात के दौरान दो इंजेक्शन विकल्प के तौर पर ले गया था। जिससे यदि एक इंजेक्शन किसी कारण वश गिर जाए या खराब हो जाए तो दूसरे इंजेक्शन का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया जा सके।

पहली बार में ही लगा देती इंजेक्शन तो...
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने रिमांड के दौरान खुलासा किया कि आरोपी युवती जसप्रीत कौर को एक बार में जाकर इंजेक्शन लगाकर आने के लिए कहा था। लेकिन जसप्रीत कौर बिना इंजेक्शन साथ लिए ही गायनी वार्ड में भर्ती महिला मरीज हरमीत कौर के पास पहुंच गई। वहां उसने डॉक्टर के कहने पर इंजेक्शन लगाने की बात कही। लेकिन इंजेक्शन साथ में न लाए होने के चलते वह कुछ देर में आने की बात कहते हुए नीचे आ गई। यहां उसने आरोपी मंदीप के साथ पहले खाना खाया और उसके बाद दोनों गायनी वार्ड के बाहर पहुंचे। 

सूत्र बताते हैं कि जसप्रीत कौर इंजेक्शन लेकर वार्ड के भीतर चली गई, जबकि मंदीप बाहर ही ठहर गया। इंजेक्शन लगाने की बात कहकर काफी देर में आने और जसप्रीत कौर के हाव-भाव से भर्ती महिला के परिजनों को संदेह हो गया। इसके बाद उन्होंने जसप्रीत से पूछताछ करनी शुरू कर दी। बहस के दौरान परिजनों ने जसप्रीत की फोटो खींच ली। वार्ड के कॉरिडोर में हो रही बहस को बढ़ता देख आरोपी मंदीप अंजान व्यक्ति बनकर बीच -बचाव करने पहुंच गया। इस दौरान आरोपी मंदीप ने ही महिला मरीजों के परिजनों को दाखिल महिला मरीज हरमीत कौर की तबीयत बिगड़ने की बात कही थी। यह सुनकर परिजन जैसे ही हरमीत की ओर भागे, उसी दौरान आरोपी मंदीप और जसप्रीत कौर मौके से फरार हो गए।
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कर्जा उतारने के लिए मौत की सुपारी...
रिमांड के दौरान आरोपी मंदीप ने यह भी खुलासा किया कि उस पर करीब 2-2.50 लाख रुपये का कर्जा है। आरोपी मंदीप ने पुलिस को बताया कि आयुष्मान कार्ड का काम बंद होने और पत्नी के गर्भवती होने के चलते उसके उपचार में काफी पैसा खर्च हो रहा था, जिसके चलते वह कर्जदार हो गया था। जसमीत ने बहन की हत्या करने के लिए बूटा सिंह के साथ साजिश रची। 

अधिकारिक सूत्रों की माने तो बूटा सिंह ने कांट्रेक्ट किलर मंदीप को कहा था कि वह चाहे तो गला दबाकर या जहर देकर, जैसे चाहे वैसे हरमीत को मार डाले। इसके लिए 5-7 लाख की रकम क्या है वह 10 लाख रुपये भी दिलवा देगा। मंदीप ने बूटा सिंह की ओर से दी गई लालच में आकर सिर पर चढ़े कर्जे को उतारने और गर्भवती पत्नी के बेहतर उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती महिला को मारने की सुपारी ले ली।
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