चंडीगढ़। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी न होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थिति ठीक इसके उलट है। बड़े सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभाग अब डिस्पेंसरियों का सहारा ले रहा है। डिस्पेंसरियों में तैनात डॉक्टरों को महीने में तीन दिन जीएमएसएच 16 और तीनों सिविल अस्पतालों में ड्यूटी लगाई जा रही है। हालांकि, विभाग इसे इमरजेंसी ट्रेनिंग का नाम दे रहा है लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि डिस्पेंसरी के जिन डॉक्टरों को इमरजेंसी केयर के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है वे 20 से 25 साल से डाॅक्टरी कर रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने 28 जून को डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर को स्वीकृत किया है। इसके अनुसार उन डॉक्टरों को सप्ताह के अंत में शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अस्पतालों में अतिरिक्त ड्यूटी पर जाना होगा। शनिवार को आदेश का पालन करने के चक्कर में उन डॉक्टरों ने समय से पहले ओपीडी छोड़ दी, जिसके कारण उन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आने वाले मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि अगर वे इस आदेश का पालन करेंगे तो जाहिर है अगले दिन उनकी डिस्पेंसरी की ओपीडी में उनकी कुर्सी खाली होगी।
डॉक्टरों ने दो शिफ्टों में की ड्यूटी
स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश से मरीज के साथ डॉक्टर भी परेशान हैं क्योंकि जिन डॉक्टरों की बड़े अस्पतालों में ड्यूटी लगाई जा रही है उन्हें पहले अपनी ओपीडी संभालनी है, फिर दूसरी ड्यूटी को करना है। इसके बाद यह भी तय नहीं है कि उन्हें अगले दिन अवकाश मिल ही जाए। ऐसे में लगातार कई शिफ्ट का भार उन पर आने वाला है। पहले ही दिन इसका उदाहरण देखने को मिला। बहलाना के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. जसप्रीत कौर की सुबह तैनाती स्थल पर और रात को मनीमाजरा सिविल अस्पताल में ड्यूटी थी, जबकि अगले दिन रविवार को फिर उनकी ड्यूटी मनीमाजरा सिविल अस्पताल में लगाई गई है।
इनसेट-
शनिवार को इन्होंने दो जगह संभाली जिम्मेदारी
-बहलाना के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. जसप्रीत कौर की सुबह तैनाती स्थल और रात को मनीमाजरा सिविल अस्पताल में ड्यूटी थी।
- सिटको हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. मोनिका की सुबह तैनाती स्थल पर और रात को मनीमाजरा सिविल अस्पताल में ड्यूटी थी।
- ड्डूमाजरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. अंजलि गुप्ता की सुबह तैनाती स्थल पर और रात में सेक्टर 22 के सिविल अस्पताल में ड्यूटी थी।
रविवार को इन डॉक्टरों की लगी है ड्यूटी
- सेक्टर 35 के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. श्वेता की सेक्टर 22 सिविल अस्पताल
- सारंगपुर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. हरप्रीत सिंह की जीएमएसएच 16
- सेक्टर 8 के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के डॉ. अशोक कुमार की जीएमएसएच 16
- बहलाना के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. जसप्रीत कौर की मनीमाजरा सिविल अस्पताल
जिम्मेदार अधिकारी ने यह दिया जवाब
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कहना है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तैनात कुछ डॉक्टरों को जीएमएसएच-16 और तीनों सिविल अस्पतालों में रोटेशन के आधार पर दिन/शाम और रात की ड्यूटी करनी होगी। महीने में उन्हें कुल तीन ड्यूटी मिलेगी। स्वास्थ्य निदेशक की ओर से बनाए गए रोस्टर को एक जुलाई से प्रभावी किया गया है। इस ड्यूटी का मुख्य उद्देश्य हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात डॉक्टरों को आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रशिक्षित करना और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। यह ड्यूटी प्रक्रिया 2 से 3 महीने के अंदर पूरी कर किए गए बदलाव के परिणामों की समीक्षा की जाएगी। हालांकि, यह सुनिश्चित किया गया है कि इसके कारण हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ओपीडी और अन्य कार्य प्रभावित न हो। जहां तक तीनों सेंटरों में ओपीडी जल्द बंद होने की बात है तो उसके कारणों पर भी गौर किया जाएगा लेकिन नोडल अधिकारी के अनुसार किसी भी सेंटर पर और बड़ी व्यवस्था बाधित नहीं हुई है।