हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र।
- फोटो : हरियाणा डीपीआर।
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दशकों से तहसीलों में रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों को विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब राज्य सरकार ने पुरानी व्यवस्था को दुरुस्त किया है। अगर कोई विभाग 14 दिन तक अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं देता है तो उसे डिम्ड स्वीकृति समझकर रजिस्ट्री कर दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास विनियमन संशोधन विधेयक से फर्जी रजिस्ट्रियों का खेल रुकेगा। इस संशोधन के बाद अब मूल अधिनियम की धारा 7 क में ‘दो कनाल से कम क्षेत्र रखने वाली किसी कृषि भूमि के विक्रय या पट्टे’ शब्दों के स्थान पर ‘एक एकड़ से कम क्षेत्र रखने वाली किसी खाली भूमि के विक्रय य पट्टे या उपहार’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे। इसमें खाली भूमि से अभिप्राय होगा, ऐसी भूमि जिसमें या तो किसी प्रकार का कोई निर्माण विद्यमान नहीं है या ऐसा निर्माण विद्यमान हैं, जो या तो वीरान है मानव के वास योग्य नहीं है।
डिप्टी सीएम ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा पर पलवाटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में वर्ष 2005 से वर्ष 2014 तक के कार्यकाल में गलत तरीके से सीएलयू व सेक्टर काटे गए, क्या उस बात से विपक्ष के नेता वाकिफ नहीं हैं। उन्होंने विपक्ष के नेता पर उलटा सवाल दागते हुए कहा कि क्या वे बताएंगे कि उन्होंने अपने शासन के 10 साल के कार्यकाल में गलत तरीके से हुए कितने सीएलयू रद किए गए।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हुड्डा साहब उस समय तो आपकी कलम पक्की नहीं थी और वह दिल्ली से चलती थी। सोनिया गांधी ने तो आपको कलम के नाम पर पेंसिल पकड़ाई थी। मगर हमारी कलम और काम पक्के और नियमानुसार हैं। उपमुख्यमंत्री के अनुसार 23 नवंबर 2019 को जब से उन्होंने राजस्व विभाग का कार्यभार संभाला है।
उसी दिन से ही सभी जिला राजस्व अधिकारियों की कमेटी बना दी गई थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी 83 शहरी स्थानीय निकाय तथा 38 कस्बों के निर्धारित कंट्रोल्ड एरिया की जियो-मैपिंग करवाने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि हमने रजिस्टरियों के कार्य का सरलीकरण किया है ताकि लोगों को परेशानी न हो तथा कार्य में पारदर्शिता आए।
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