नोटबंदी के दौरान पंजाब में गैंगस्टरों ने करोड़ों रुपये बदलवाए। सीधे बैंक मैनेजरों से सौदा किया और पुरानी करेंसी बैंक व नई करेंसी बताए हुए ठिकाने पर पहुंच गई। अमृतसर के एक कोआपरेटिव बैंक से गैंगस्टर के लिए फाइनेंसर का काम करने वाले मोहित शिंगारी पर चार करोड़ रुपये गैंगस्टरों के बदलवाने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कोआपरेटिव बैंक के मैनेजर को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच जारी है। जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते तब तक एसटीएफ कुछ बताने को तैयार नहीं है।
फाइनेंसर मोहित शिंगारी को एसटीएफ ने गैंगस्टर कमल बोरी व राणा कंदोवालिया को अपने रिसोर्ट में पनाह देने और उनके लिए फाइनेंसर का काम संभालने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कमल बोरी की गिरफ्तारी के बाद मोहित शिंगारी, राणा कंदोवालिया व गैंगस्टर माहल गिरफ्तार हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार कमल बोरी का सटोरियों के साथ-साथ फाइनेंसरों के बीच गहरी पैठ थी। अकाली नेता का सिर पर हाथ होने से वो बेपरवाह गलत काम करने लगा। इसी दौरान एसटीएफ ने कमल बोरी को पकड़ा तो उसके गुनाहों के निशान बढ़ते गए। इसी बीच एसटीएफ को भनक मिली कि गैंगस्टरों के पास चुनाव के मद्देनजर मोटी रकम नेताओं ने देकर उन्हें कई टारगेट दिए थे। नोटबंदी के चलते गैंगस्टरों को नोट खपाने के लिए बैंकों तक अपने साथियों को भेजना पड़ा। गैंगस्टरों ने नोट बदलने के लिए मोटी रकम रिश्वत में जहां दी वहीं पंजाब के अलग-अलग शहरों के बैंक वालों से रकम बदलवाई।