पाकिस्तान सरकार ने गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालिस्तान समर्थक संस्था सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) द्वारा रेफरेंडम-2020 के लिए किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है। करतारपुर कॉरिडोर पर 16 अप्रैल को होने वाली बैठक से पहले पाकिस्तान ने यह अहम कदम उठाया है। इसे भारत द्वारा बनाए गए दबाव का असर माना जा रहा है।
एसएफजे के सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दावा किया कि खालिस्तानी समर्थकों को आधिकारिक तौर पर खालिस्तान रेफरेंडम के लिए टीम 2020 का पंजीकरण शुरू करने के लिए आमंत्रित किया गया था। पाक सरकार द्वारा पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष के माध्यम से यह निमंत्रण दिया गया था।
14 अप्रैल को गुरुद्वारा पंजा साहिब में आयोजित धार्मिक दीवान पर देश-विदेश से पहुंची संगत के सामने इसकी घोषणा की जानी थी, लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में पाकिस्तान पहुंचे उत्तरी अमेरिका और यूरोप के खालिस्तान के कार्यकर्ताओं को गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालिस्तान के बैनर लगाने की अनुमति नहीं दी गई। पाकिस्तान सरकार ने उन्हें रेफरेंडम-2020 के लिए सदस्यों की रजिस्ट्रेस्शन करने की निर्धारित योजना को रोकने के लिए मजबूर किया।