मनीमाजरा। 60 फुट चौड़ी मनीमाजरा की ओल्ड रोपड़ रोड आज अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और ई रिक्शा स्टैंडों की भरमार से बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। सुबह यह सड़क अपनी पूरी चौड़ाई में खुली नजर आती है, लेकिन बाजार खुलते ही स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। दुकानदारों की ओर से दुकानों के बाहर वाहन खड़े करने, सड़क किनारे सामान एवं ढांचे रखने और ई रिक्शा चालकों द्वारा जगह-जगह स्टैंड बना लेने से सड़क का आधा हिस्सा घिर जाता है।
इसका नतीजा यह है कि दोपहर और शाम के समय यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, वाहन तो घंटों जाम में फंसे रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और पुलिस पूरी स्थिति पर मूक दर्शक बने हुए हैं और कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
अमर उजाला टीम की ओर से सुबह किए गए माप में सड़क पूरी 60 फुट चौड़ी निकली, लेकिन बाजार खुलते ही स्थिति बेहद बिगड़ गई। जैसे जैसे सुबह 11 बजे तक मार्केट खुलती है, सड़क पर भीड़, वाहनों की कतारें और अतिक्रमण तेजी से बढ़ते जाते हैं। स्कूल अवकाश के समय और शाम के पीक आवर में तो हालात और खराब हो जाते हैं। लोग किसी तरह 10 से 15 फुट की एक काली पट्टी से वाहन निकालने को मजबूर होते हैं।
समाजसेवी हरप्रीत सिंह हैप्पी का कहना है कि प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी से समस्या रोजाना गंभीर होती जा रही है। अल्पसंख्यक विभाग चंडीगढ़ के चेयरमैन आसिफ चौधरी ने प्रशासन से मांग की है कि ओल्ड रोपड़ रोड पर अतिक्रमण हटाने और पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम जोन में बदल जाएगा।
मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह का कहना है कि उन्होंने नगर निगम के सहयोग से दर्शनी बाग के साथ ओल्ड रोपड़ रोड किनारे एक कच्चा पार्किंग स्थल तैयार करवाया, लेकिन दुकानदार फिर भी सड़क पर वाहन खड़े करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर ई रिक्शा चालकों ने अवैध स्टैंडों की संख्या बढ़ा दी है, जिससे वाहनों की कतारें लगी रहती हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
जिला कांग्रेस के प्रधान सुरजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि ई-रिक्शा के अत्यधिक दबाव से ओल्ड रोपड़ रोड से लेकर पिपली वाला टाउन तक यातायात अव्यवस्थित हो चुका है। ढिल्लो का आरोप है कि इनमें बड़ी संख्या नाबालिग चालकों की है, जो एक हाथ में मोबाइल और दूसरे हाथ से ई रिक्शा चलाते हुए शहर की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं। जिन पर अब पुलिस का नकेल कसनी चाहिए। जिस तरह चंडीगढ़ की सड़क पर पुलिस कार्रवाई करती है।
मनीमाजरा की पार्षद दर्शना रानी ने बताया कि दुकानदारों के लिए जामा मस्जिद के पास मनसा देवी रोड पर दो साल पहले पार्किंग स्थल बनाया गया था, लेकिन किसी ने इसका इस्तेमाल नहीं किया। इस खाली जगह पर अब हिमाचल की टैक्सियों और टैंपो ट्रैवल वालों ने कब्जा कर लिया है, क्योंकि यह पार्किंग पूरी तरह फ्री है। ओल्ड रोपड़ रोड पर अतिक्रमण का आलम यह है कि सुबह 7 बजे यह सड़क 60 फुट की रहती है और दोपहर से लेकर शाम 7 बजे तक मुश्किल से 16 फुट भी नहीं बचती।