नशे के मुद्दे पर शिअद-भाजपा गठबंधन में टकराव बढ़ता जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल ने राज्य में नशीले पदार्थों की सीमापार से आ रही सप्लाई को रोकने में बीएसएफ की विफलता को जिम्मेदार बताने के लिए 5 जनवरी को सीमा पर 4 जगह धरने देने का ऐलान किया है।
भाजपा राज्य में नशे के खिलाफ 12 जनवरी से मुहिम छेड़ने का ऐलान कर चुकी है। इससे पहले ही शिअद बढ़ती नशाखोरी के लिए केंद्र की विफलता को मुद्दा बनाने की कवायद शुरू करने जा रहा है।
शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को ऐलान किया कि पार्टी कार्यकर्ता अटारी सीमा, फाजिल्का की सदकी जांच चौकी, हुसैनीवाला और गुरदासपुर में सीमा पर 5 जनवरी को धरने देंगे।
बादल ने कहा कि पाकिस्तान से हो रही तस्करी से पंजाब ही नहीं, पूरा देश प्रभावित है। सीमा की रक्षा करना बीएसएफ की जिम्मेदारी है। पंजाब का उस पर कोई कंट्रोल नहीं है। नशे को रोकना है तो सीमा पार से तस्करी रोकनी होगी।
अटारी पर सुखबीर बादल करेंगे संबोधित
डिप्टी सीएम ने कहा कि पंजाबी महसूस कर रहे हैं कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के बाजवूद नशेड़ी कहकर प्रचारित किया जा रहा है। पंजाब सरकार ने 25 हजार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला उच्च स्तर पर इसलिए उभरा है क्योंकि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की थी। पाकिस्तान, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले नशे पर रोक लगनी चाहिए।
कोई भी सियासी फायदे के लिए हमें नशेड़ी नहीं कह सकता। सभी धरने दोपहर बारह से दो बजे तक होंगे। अटारी धरने को डिप्टी सीएम संबोधित करेंगे।
कांग्रेस का शिअद-भाजपा पर पलटवार
माइंड गेम खेलना बंद करें : कैप्टन
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि शिअद-भाजपा एक-दूसरे के साथ माइंड गेम खेलना बंद करें। अगर दोनों दल एक -दूसरे के साथ अच्छी स्थिति में नहीं हैं तो गठबंधन तोड़ दें।
कैप्टन ने कहा कि शिअद ने बीएसएफ के खिलाफ धरने का ऐलान किया है जबकि, शिअद खुद केंद्र में सत्ताधारी एनडीए का हिस्सा है। ऐसे में अकाली दल बीएसएफ को नशे के जिम्मेदार बताकर लोगों को मूर्ख बना रहा है।
सरकार बर्खास्त हो : बाजवा
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने कहा है कि शिअद ने पांच जनवरी को सीमांत इलाकों में बीएसएफ के खिलाफ चार धरने देने का ऐलान किया है। वहीं, अमित शाह 12 जनवरी को नशा विरोधी अभियान की शुरुआत करने अमृतसर आ रहे हैं। दोनों ही पार्टियां क्रेडिट-वार में उलझ गई हैं। शिअद का यह कदम राष्ट्र विरोधी है, इसलिए सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।