कुंडली के कोल्ड स्टोर से देश भर में ड्राईफ्रूट सप्लाई होता है और यह ड्राईफ्रूट पाकिस्तान से मंगवाया जाता है। इसका ही फायदा अफगानिस्तान व पाकिस्तान के तस्कर उठाते हैं। अफगानिस्तान से हेरोइन को आसानी से पाकिस्तान लाया जाता है और उसके बाद ड्राईफ्रूट की पैकिंग के साथ कार्टून में फिट कर दिया जाता है, जिससे जांच करने पर भी किसी को हेरोइन होने का शक नहीं हो।
उसके बाद ड्राईफ्रूट के साथ पाकिस्तान से वाघा बॉर्डर के रास्ते हेरोइन को कुंडली तक लाया जाता था। यहां लाने के बाद आसानी से देश के अन्य हिस्सों में हेरोइन पहुंचा दी जाती थी और इसके लिए भी ड्राईफ्रूट का सहारा लिया जाता था। बताया जा रहा है कि हेरोइन को सबसे ज्यादा दिल्ली में सप्लाई किया जाना था, जहां तस्करों के निशाने पर यूनिवर्सिटी, कालेज व वहां के बड़े होटल हैं।
हालांकि, इस मामले में हरियाणा एसटीएफ भी पूछताछ करेगी कि इसमें कोई हरियाणा से शामिल है या नहीं। कुंडली से हेरोइन को दिल्ली व देश के अन्य किस-किस हिस्से में कहां सप्लाई किया जाना था। यह सभी बात पूछताछ के बाद ही सामने आएगी।
कुंडली में ड्राईफ्रूट के गोदाम व कोल्ड स्टोर होने के कारण यहां काफी समय से पाकिस्तान से माल मंगवाया जाता है। इसलिए पहले भी कई बार कुंडली में देश विरोधी गतिविधि चलने की बात सामने आई थी और यहां कई बार एनआईए छापे मार चुकी है।
कुंडली में ड्राईफ्रूट के गोदाम में पिछले साल भी एनआईए ने छापा मारा था। उस समय बताया गया था कि ड्राईफ्रूट के सहारे हवाला कारोबार किया जा रहा है और आतंकियों को फंडिंग करने का शक भी जताया गया था। हालांकि, उस समय किसी तरह का कोई मामला सामने नहीं आया था।