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Chandigarh News: छुट्टी के दिन जारी कर दिया ड्रग लाइसेंस, विजिलेंस जांच शुरू

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चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग में मानकों की अनदेखी कर ड्रग लाइसेंस जारी करने को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से हुई शिकायत में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। राज्यपाल को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि निदेशक स्वास्थ्य ने अवकाश पर होने के बावजूद ड्रग लाइसेंस जारी किया है जो नियम के विपरीत है। पीजीआई में लाइसेंस जारी करने के लिए इसे इमरजेंसी सर्विस बताया गया है जबकि जीएमएसएच-16 की दवा की दुकान लाइसेंस जारी न होने के कारण कई दिनों तक बंद रही है। ऐसे में पीजीआई में जहां कई दवा की दुकान है, वहां इमरजेंसी सर्विस के नाम पर लाइसेंस जारी किया गया है। इसे लेकर अलग-अलग व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
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इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि किसी भी अधिकारी के अवकाश पर होने पर किसी अन्य अधिकारी को उसका चार्ज दिया जाता है। अगर निदेशक स्वास्थ्य अवकाश पर थीं तो उनका चार्ज उस समय किसी अन्य अधिकारी को दिया गया होगा। ऐसी स्थिति में लाइसेंस जारी करने के साथ अन्य सभी प्रशासनिक अधिकार उस प्रभारी अधिकारी के पास थे। इस स्थिति में अवकाश के दौरान किसी अधिकारी का लाइसेंस जारी करना या व्यवस्था से संबंधित कोई निर्णय लेना मानकों से विपरीत है।

ये हुई है शिकायत
चंडीगढ़ में ड्रग लाइसेंस निदेशक स्वास्थ्य सचिव (डीएचएस) एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमन सिंह किसी भी सरकारी अवकाश और सार्वजनिक अवकाश के बावजूद अपनी इच्छानुसार किसी भी दिन लाइसेंस जारी कर रही हैं। जुलाई-अगस्त के दौरान पीजीआई चंडीगढ़ में डॉ. सुमन सिंह की ओर से गुप्ता मेडिकोज के पार्टनर नरेंद्र गुप्ता और दीपक राणा के नाम से एक ड्रग लाइसेंस जारी किया गया था, जब वह मुंबई में 19 से 21 अगस्त 2022 में छुट्टी पर थीं। ये लाइसेंस उनके डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा जारी किया गया था। इसके अलावा कार्यालय के कामकाजी घंटों की परवाह किए बिना दिन और रात में लाइसेंस जारी किए जाते हैं और निचले कर्मचारियों पर भी ऐसा करने के लिए दबाव डाला जाता है।
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