पंजाब में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को निर्धारित से तीन वोट ज्यादा मिले हैं। पंजाब से द्रौपदी मुर्मू को शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने समर्थन का एलान किया था जबकि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने यशवंत सिन्हा को वोट देने का फैसला लिया था। मतदान के समय अकाली दल के मनप्रीत अयाली ने भाजपा का विरोध किया और वोट नहीं डाला, जबकि कांग्रेस के दो सदस्य लाडी और चब्बेवाल बिना कारण बताए मतदान से गैरहाजिर रहे। इस तरह प्रदेश के 117 विधायकों में से 114 विधायकों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया था।
अब नतीजे आने के बाद यह बात सामने आ रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अकाली और भाजपा के समर्थक वोटों से तीन ज्यादा वोट मिले हैं। पंजाब में पार्टी के अनुसार सदस्यों की संख्या का आकलन करें तो अकाली दल के तीन, सहयोगी दल बसपा का एक और भाजपा के दो वोटों के साथ मुर्मू को कुल छह वोट मिलने थे लेकिन उन्हें कुल आठ वोट मिले हैं। दूसरी तरफ कुल 114 वोट में से 5 रद्द हुए हैं, जिसके बाद दूसरे प्रत्याशी यशवंत सिन्हा को कुल 101 वोट मिले हैं। इनमें आम आदमी पार्टी के 92 और कांग्रेस के 18 व एक निर्दलीय सदस्य का वोट शामिल है। कुल 114 वोट में से 5 रद्द होने और 3 सदस्यों के गैरहाजिर रहने के बाद बाकी के वोट भी यशवंत सिन्हा को मिलने चाहिए थे लेकिन इन छह में से 3 वोट द्रौपदी मुर्मू के खाते में चले गए।
क्रॉस वोटिंग से आप और कांग्रेस की चिंता बढ़ी
पंजाब में एनडीए प्रत्याशी को निर्धारित संख्या से तीन अधिक वोट मिलने को सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग माना जा रहा है। पता चला है कि दोनों ही पार्टियों ने अपने दागी सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि यह बहुत आसान नहीं होगा क्योंकि यह मतदान गुप्त रहता है। फिर भी दोनों पार्टियां अपने विधायकों से पूछताछ करने में जुट गईं हैं।