चंडीगढ़। पंजाब कला भवन के रंधावा ऑडिटोरियम में बुधवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वीं जयंती पर ‘सरदार’ नाटक का मंचन हुआ। इसके लेखक और निर्देशक संजीवन हैं। इसका आयोजन सरघी कला केंद्र मोहाली की ओर से और संगीत नाटक अकादमी दिल्ली के सहयोग से हुआ। सामाजिक घटनाओं पर आधारित एक घंटा 30 मिनट के इस नाटक में 15 कलाकारों ने बेहतरीन भूमिका अदा की। इसमें भगत सिंह के बारे में बताया गया है।
नाटक में दिखाया गया है कि एक नौकर आता है। उसका संबंध आगरा से होता है। नौकर के दादा का आगरा में ढाबा है। उस ढाबे पर भगत सिंह चंद्रशेखर व अन्य क्रांतिकारी खाना खाने आते थे। दादा अपने पोते को क्रांतिकारियों की कहानी सुनाते हैं। वह नौकर जहां नौकरी करता है, उस घर में बच्चों और अन्य लोगों को खाना बनाकर खिलाता है। वह बच्चों को बताता है कि मेरे दादा ने राजा और रानियों की कहानियां नहीं देशभक्तों की कहानियां बताईं। वह बच्चों को यह भी बताता कि भगत सिंह जिंदादिल इंसान थे। नाटक में आज के हालात भी दिखाए गए हैं। एक परिवार में बुजुर्ग, उनका बेटा-बहू और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह बुजुर्ग के अनुसार नहीं चलते हैं। इस कारण वह दुखी और निराश हैं। नाटक में पंजाबी रंगमंच और फिल्मों के कलाकार जसदीप सिंह ने भगत सिंह की भूमिका निभाई है। रंजीवन सिंह ने फनींदर नाथ बोस, रिंकू जैन ने शिव वर्मा और मनदीप सिंह ने प्रकाश सिंह की भूमिका और मनप्रीत मनी ने चंदर (नौकर) की भूमिका निभाई है।