25 किलोमीटर प्रति घंटे से कम गति वाले दोपहिया वाहन वर्तमान में किसी भी सब्सिडी के अंतर्गत नहीं आते हैं। अगर राज्य सरकार इस श्रेणी को प्रोत्साहित करने के लिए सहमत होती है तो इससे बिक्री में भारी उछाल आएगा। राज्य सरकार को मेड इन पंजाब ई-वाहनों की खरीद पर अतिरिक्त लाभ देने पर भी विचार करना चाहिए।
वहीं, यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस चावला का कहना है कि ई-वाहनों की बिक्री पर राज्य सरकार ध्यान देती है तो साइकिल उद्योग को बहुत बड़ा अवसर मिलेगा। वहीं, पंजाब सरकार के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव दिलीप सिंह का कहना है कि इस नीति को बेहतर बनाने के लिए उद्योग विभाग ने सुझाव और इनपुट दिए हैं। पंजीकरण का मामला परिवहन विभाग के विचाराधीन है।
सरकार ने ये लाभ किए हैं तय
पंजाब सरकार की ई-वाहन नीति के ड्राफ्ट के तहत वाहन मालिकों को 10,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा और ई-रिक्शा के पहले 10,000 खरीदारों को 30,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। पहले 5,000 ई-कार्ट खरीदारों को 30,000 रुपये तक और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के पहले 5,000 खरीदारों को 30,000 से 50,000 रुपये तक प्रोत्साहन मिलेगा।