इस एनजीओ का उद्देश्य स्कूलों और संस्थानों में भारतीय शास्त्रीय कलाओं के प्रति जागरूकता फैलाना था। वह हमेशा शास्त्रीय कलाओं का प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों जैसे फोटोग्राफी, शिक्षण, परफॉर्मेंस रिव्यू और सोशल मीडिया के जरिए करते हैं। यह पुस्तक विशेष रूप से युवा छात्रों और कला प्रेमियों को ध्यान में रखकर लिखी गई है, जिससे वे भरतनाट्यम के इतिहास, विकास और संभावनाओं को सरल भाषा में समझ सकें। इस अवसर पर ग्रैमी पुरस्कार विजेता पंडित राकेश चौरसिया और पद्मश्री डॉ. किरण सहगल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।