फतेहगढ़ साहिब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी में पंथ रतन डा. इंदरजीत सिंह की वार्षिक स्मृति व्याख्यान शृंखला का भव्य शुभारंभ किया गया। पहले स्मृति व्याख्यान का आयोजन धर्म अध्ययन विभाग ने गुरु नानक फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से किया, जिसमें सिख अकादमिक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की।
मुख्य अतिथि एसजीपीसी प्रधान एवं यूनिवर्सिटी चांसलर एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि डा. इंदरजीत सिंह 20वीं सदी के उन विरले गुरसिखों में थे जिन पर संपूर्ण सिख पंथ को गर्व है। उन्होंने अपने कर्म, सेवा और दूरदर्शी सोच से सिख कौम का नाम देश-विदेश में रोशन किया। इस स्मृति व्याख्यान शृंखला के माध्यम से गुरबाणी, गुरु इतिहास और गुरमत सिद्धांतों पर गंभीर विमर्श को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वाइस-चांसलर प्रो. प्रितपाल सिंह ने कहा कि पंथ को समर्पित महान शख्सियतों को याद रखना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। विशेष अतिथि प्रताप सिंह ने बताया कि डा. इंदरजीत सिंह की नेतृत्व क्षमता से पंजाब एंड सिंध बैंक ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं।वक्ताओं ने डा. इंदरजीत सिंह के सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक योगदान को प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और सिख संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संवाद