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Chandigarh News: पीजीटी, टीजीटी के बाद अब जेबीटी अध्यापकों के तबादले पर भी संशय बरकरार

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- 27 अक्तूबर से 40 हजार अध्यापक कर रहे स्कूल अलाॅटमेंट का इंतजार
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- विभाग की ओर से नहीं अलाट किए जा रहे स्कूल, अध्यापकों में रोष

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के तबादलों पर लगी रोक के बाद अब जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) अध्यापकों के तबादलों को लेकर भी संशय बरकरार है। शिक्षा विभाग की ओर से तबादलों को लेकर न तो आधिकारिक रूप से कोई पत्र जारी किया है और न ही ये बताया कि तबादले होंगे या नहीं। तबादले होंगे तो आखिर कब होंगे। विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अब जेबीटी अध्यापकों में रोष बढ़ने लगा है। अध्यापक संगठन इस मामले को लेकर जल्द ही प्रदेश के शिक्षा मंत्री से मुलाकात करके जल्द तबादला अभियान शुरू करने की मांग उठाएंगे।
हरियाणा में जेबीटी अध्यापकों के तबादले 2016 में हुए थे, इसके बाद से अब तबादला ड्राइव शुरू किया था। इसमें करीब 40 हजार अध्यापकों के तबादले होने हैं। अक्तूबर माह में साल 2004, 2011 और 2017 में नियुक्ति पाने वाले जेबीटी को जिले भी अलॉट कर दिए थे। जिले अलॉट होने के बाद अगला चरण 27 अक्तूबर से इन शिक्षकों को ब्लॉक व स्कूल अलॉट होने का था, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक इस बारे में कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारी तकनीकी खामियों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन सूत्रों का दावा है कि मामला सीएमओ में फंसा हुआ है। यहां से अनुमति मिलने का बाद ही तबादलों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव सुनील बास ने कहा कि तबादलों को लेकर अभी संशय बरकरार है। विभाग की ओर से इस बारे में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। क्योंकि जेबीटी अध्यापकों की तबादला प्रक्रिया में अब स्कूल अलॉट किए जाने हैं। अध्यापकों को इसका इंतजार है, जल्द ही इसके लिए प्रक्रिया शुरू की जाए। गौर हो कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवर पाल पहले ही पीजीटी और टीजीटी अध्यापकों के तबादले के लिए इंकार कर चुके हैं, इसलिए शिक्षा सत्र के बीच में होने का तर्क दिया था, जबकि जेबीटी अध्यापकों के तबादले जल्द होने की बात कही थी। लेकिन मामले में लगातार हो रही देरी से अध्यापकों में रोष बढ़ रहा है।
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