अगर आप कुत्ता पालते हैं या कोई और जानवर, प्रशासन के इस फरमान को फॉलो करना होगा। इसके तहत अब अगर कोई भी पालतू पशु और डॉग सड़कों पर लावारिस रूप से घूमता पाया गया तो उसके मालिक पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही उसे कड़ी सजा भी दी जा सकती है। पालतू पशु और डॉग्स पहली बार खुले में मिला तो पांच हजार रुपये का जुर्माना व दूसरी बार मिलने पर 10 हजार रुपये के जुर्माने के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला में बढ़ते लावारिस कुत्तों की समस्या पर जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से यह निर्णय लिया गया है। आवारा पशुओं के लिए गठित निगरानी कमेटी लावारिस पशुओं के मामले में छापा मारेगी। स्ट्रे डॉग्स और पंचकूला की सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं की समस्या के मामले में पंचकूला की डीसी डॉ. गरिमा मित्तल ने मीटिंग बुलाई।
यह बैठक पंचकूला लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में हुई। जिसमें स्ट्रे डॉग और पालतू डॉग्स के साथ गाय और भैंसों के सड़कों पर घूमने से होने वाले नुकसान की समस्या पर विचार किया गया। इस बैठक में नगराधीश ममता शर्मा, नगर निगम के आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी और विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
छापों की रिपोर्ट भेजेगी कमेटी
डीसी ने बताया कि लावारिस पशुओं व कुत्तों की निगरानी के लिए कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में उपनिदेशक कृषि, स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी 15 दिन में कितने छापे मारे हैं और कितना कार्य किया है, उसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजेगी।
सामुदायिक केंद्र में होगा पंजीकरण
अब पालतू पशुओं का पंजीकरण पंचकूला के सामुदायिक केंद्रों में किया जाएगा। बैठक में बंदरों व सांपों की समस्या पर विचार किया गया और लोगों से सुझाव लिए गए। उन्होंने कहा कि लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए एक परियोजना तैयार की जाएगी। जिससे शहर के कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाई जा सके। इस मौके पर निगम आयुक्त ललित सिवाच ने कहा कि निगम अभी 10 लावारिस कुत्तों की नसबंदी कर रहा था। इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 15 कर दिया गया है। निगम की कोशिश है कि रोजाना 30 नसबंदी की जाए।
सभी करें साझे प्रयास
पंचकूला की डीसी ने कहा कि लावारिस कुत्तों और पशुओं की गंभीर समस्या है। इसका समाधान करने के लिए सभी को साझे प्रयास करने होंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इस बारे में सुझाव दें। ताकि इन पशुओं की संख्या के आधार पर इस समस्या का निपटान किया जा सके।
निगम के आयुक्त ललित सिवाच एवं कार्यकारी अधिकारी ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वह अपने पालतू पशुओं व कुत्तों को सड़कों पर न आने दें और उनकी सही ढंग से देखभाल करें। उन्होंने कहा कि अगर ये जानवर घूमते पाए गए तो उनके मालिकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।