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फरमानः चंडीगढ़ में अब डॉक्टरों की टीम तय करेगी मरीज को किस अस्पताल में भेजा जाना चाहिए

Fri, 25 Sep 2020 04:38 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ में अब कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों को बेड के लिए एक से दूसरे अस्पताल में दौड़ने की जरूरत नहीं होगी। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने स्वास्थ्य सचिव को एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने का आदेश दिया है, जिसमें डॉक्टरों की एक टीम मरीज की हालत को देखने के बाद तय करेगी कि किस मरीज को किस अस्पताल में भेजने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केंद्रीय होनी चाहिए। वीरवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
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बैठक में प्रशासक को बताया गया कि शहर में कोरोना वायरस की जांच में पॉजिटिव केसों की संख्या में कमी आई है। प्रशासक ने जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई के बीच आपसी समन्वय की सराहना की। बदनौर ने नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून में किसी को पानी से जुड़ी बीमारी न हो सके, इसके लिए प्रबंध किए जाएं।

बैठक में मोहाली और पंचकूला के डीसी भी उपस्थित रहे। मोहाली के डीसी ने बताया कि उनके यहां वर्तमान में 2566 कोरोना वायरस के सक्रिय मरीज हैं, जबकि पंचकूला के डीसी ने बताया कि उनके यहां 1153 सक्रिय मरीज हैं। वहीं, चंडीगढ़ के डीसी ने बताया कि शहर में 2537 सक्रिय मरीज हैं।
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होम आइसोलेशन में कोरोना के 2000 मरीज
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन हॉस्पिटल में कोरोना वायरस के 221 गंभीर मरीज भर्ती हैं। इनमें से 66 चंडीगढ़, 63 पंजाब, 23 हरियाणा और 19 हिमाचल प्रदेश के हैं। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से लिए गए 640 कोरोना वायरस के सैंपल में से चंडीगढ़ में रहने वाले 71 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

इसके अलावा कोरोना वायरस के मरीजों के लिए डायलिसिस की दो मशीनें अलग रखी गई हैं। बैठक में जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से कोरोना वायरस के 686 सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा शहर में करीब 2000 कोरोना वायरस के मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
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