चंडीगढ़। कोलकाता की घटना के विरोध में पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल 11वें दिन बाद वीरवार को खत्म हो गई। शुक्रवार से पीजीआई की पूरी व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। सामान्य रूप से ओपीडी-ओटी और अन्य सुविधाएं चलेंगी। सुबह आठ से 11 बजे तक नए व पुराने मरीजों का पंजीकरण होगा। हालांकि, डॉक्टरों ने लगातार बैठक, कैंडल मार्च और काली पट्टी बांध कर संघर्ष को जारी रखने की बात कही है।पीजीआई में रोजाना सात से नौ हजार मरीज ओपीडी में आते हैं लेकिन 11 दिन से चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते 50,000 से अधिक मरीज प्रभावित हुए, जिन्हें बिना इलाज के अस्पताल से लौटना पड़ा। पीजीआई प्रबंधन ने वीरवार शाम सभी सुविधाएं चलने को लेकर आदेश जारी किए। सभी आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट में सुबह आठ से 11 बजे तक नए और पुराने का पंजीकरण होगा। रेजिडेंट डॉक्टर की एसोसिएशन ने वीरवार दोपहर तीन बजे धरना स्थल पर जनरल बॉडी बैठक बुलाकर मुख्य न्यायाधीश की अपील पर तीन सप्ताह के लिए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया और कहा कि वह सीबीआई को मामले में जांच और केंद्र सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए समय दे रहे हैं। इस दौरान वह उनकी कार्रवाई पर नजर रखेंगे। तीन दिन में डॉक्टरों की ओर से टेंट में चलाई ओपीडी में 365 मरीज देखे गए। इसमें मंगलवार को 45, बुधवार को 200 और वीरवार को 120 मरीज देखे। वीरवार को ओपीडी में 5765 और इमरजेंसी ओपीडी में 304 मरीजों का पंजीकरण किया गया।
जीएमसीएच 32 के डॉक्टर आज लेंगे फैसला
जीएमसीएच 32 के रेजिडेंट डॉक्टरों एसोसिएशन का कहना है कि सरकार के स्तर पर मांगों को पूरा करने का आश्वासन तो मिल गया है लेकिन उनके जीएमसीएच कालेज प्रशासन से भी कुछ मांगे हैं, जिसे पूरा करने से संबंधित सूचना शुक्रवार की सुबह कॉलेज प्रशासन के साथ हुई बैठक में मिलेगी। अगर बैठक में सकारात्मक निर्णय सामने आया तो वे अपनी हड़ताल तत्काल समाप्त कर कम पर लौट जाएंगे।