चंडीगढ़। मोहाली स्थित एक निजी अस्पताल ने दोनों गुर्दे प्रत्यारोपित कर डॉक्टरों ने 62 वर्षीय मरीज की जान बचाई है। डॉक्टरों की टीम ने सोमवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में बताया कि एक 73 वर्षीय मरीज व्यक्ति को 2 सितंबर 2023 को तीव्र रक्तस्रावी स्ट्रोक के साथ अस्पताल में भर्ती किया गया था। रोगी ठीक नहीं हुआ और पांच दिनों के बाद ब्रेन डेड हो गया। मरीज की स्थिति के बारे में परिवार को बताया गया, जिसके बाद उन्होंने उसके अंगदान करने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया गया।
इसके बाद डॉ. सुनील कुमार, डॉ. साहिल रैली और डॉ. इकबाल सिंह की ट्रांसप्लांट सर्जरी टीम द्वारा अंगों को पुनः प्राप्त किया गया। यह निर्णय लिया गया कि उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और 1.9 मिलीग्राम/डीएल क्रिएटिनिन के इतिहास के साथ बढ़ती उम्र (60 से अधिक) को ध्यान में रखते हुए रोगी में दोनों किडनी इंप्लांट की जाएं। दोनों कॉर्निया पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ को दान कर दिए गए। वहीं दूसरी ओर एक 62 वर्षीय पुरुष पिछले पांच वर्षों से क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित था और पिछले नौ महीनों से डायलिसिस से गुजर रहा था। किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी टीम में डॉ. सुनील कुमार और डॉ. साहिल रैली, डॉ. अमित नागपाल प्रमुख, टीम एनेस्थीसिया शामिल थी, जिन्होंने 17 घंटे लंबी मैराथन सर्जरी की। इसमें मरीज में ड्यूल किडनी ट्रांसप्लांट की गई। वहीं, डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मोहाली के डायरेक्टर प्रिंसिपल भवनीत भारती ने कहा कि अंगदान एक निस्वार्थ कार्य है जो जीवन बचाता है और जरूरतमंदों के लिए आशा लाता है।