फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अप्रशिक्षितों से न कराएं त्वचा का इलाज, पड़ जाएगा महंगा : डॉ. कनिका

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सोशल मीडिया पर आने वाले विज्ञापन को देखकर बिना जानकारी अप्रशिक्षित लोगों से त्वचा संबंधी इलाज न कराएं। क्योंकि अनजाने में लिया गया यह निर्णय आपकी त्वचा के लिए बेहद गंभीर साबित हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि ऐसे लोगों की प्रक्रिया के बाद विशेषज्ञ भी खराब त्वचा को ठीक न कर पाएं। इसलिए त्वचारोग विशेषज्ञ से ही कॉस्मटोलॉजी संबंधी प्रक्रिया कराएं। ये बातें दिल्ली एम्स की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. कनिका साहनी ने रविवार को सेक्टर 17 स्थित एक होटल में चंडीगढ़ डर्मेटोलॉजी सोसाइटी की ओर से डर्मेटोसर्जरी पर आयोजित कार्यशाला में कहीं। इसमें उत्तर भारत के त्वचा रोग विशेषज्ञों ने इलाज की नई तकनीक पर भी मंथन किया। डॉ. कनिका ने बताया कि कही-सुनी बातों के आधार पर या अभिनेत्रियों और अभिनेताओं के प्रचार को देखकर लोग धड़ल्ले से सौंदर्य संबंधी प्रक्रिया करवा रहे हैं। उस दौरान वे इस बात की भी जानकारी नहीं ले रहे हैं कि प्रक्रिया करने वाला योग्यता भी रखता है कि नहीं। वहीं, कार्यशाला में मौजूद बंगलूरू के डॉ. मदुरै ने बताया कि आम बोलचाल की भाषा में ऐसे लोगों को झोलाछाप कहा जाता है। वे बिना किसी बेसिक जानकारी के स्टेरॉयड देकर लोगों की त्वचा को खराब कर रहे हैं।
विज्ञापन

कानून का भी डर नहीं
आईएमए के सचिव व त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बताया कि इस पर रोक के लिए कानून न होने के कारण कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के नाम पर धड़ल्ले से दुकान चलाई जा रही है। इसलिए लोगों को खासतौर पर युवाओं को जागरूक होने की जरूरत है। किसी भी तरह की त्वचा या बालों से संबंधित परेशानी होने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से ही इलाज कराएं। क्योंकि झोलाछाप को ह्यूमन एनाटॉमी की जानकारी नहीं होती। जिससे उनकी ओर से की गई प्रक्रिया खतरे में डाल रही है। कार्यक्रम में उत्तर भारत के लगभग 200 त्वचा रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें