डीएनए जांच के लिए अब अन्य राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्योंकि चंडीगढ़ में यह टेस्ट कराने की सुविधा शुरू हो गई है। सोमवार को शुरू हुए आधुनिक डीएनए विश्लेषण केंद्र में यौन उत्पीड़न, मानव हत्या, पितृत्व, मानव पहचान और मिटोकोंड्रियल जैसी जांच हो सकेंगी। चंडीगढ़ में फोरेंसिक डीएनए विश्लेषण केंद्र का शुभारंभ करते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि इस केंद्र का शुभारंभ निर्भया फंड योजना के तहत किया गया है। इसके लिए 99.76 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
यह केंद्र पूरी तरह से आधुनिक डीएनए प्रोफाइलिंग साधनों और उपकरणों से सुसज्जित है। आधुनिक फोरेंसिक डीएनए विश्लेषण सुविधा में प्रति वर्ष 2000 मामलों की जांच करना संभव हो पाएगा। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि सभी राज्य और संघ शासित प्रदेश इस सुविधा का उपयोग करने के साथ-साथ फोरेंसिक मामलों को तेजी से निपटाने के लिए अपने संबद्ध राज्यों में भी इसी तरह की सुविधाओं को स्थापित करें। यह एक आधुनिक, प्रभावी आपराधिक न्याय प्रणाली की सुविधा को कारगर बनाएगा।
सांसद किरण खेर ने कहा कि पुलिस वालों को सबूत एकत्र करने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण सबूत खराब हो रहे हैं, ऐसे में हर प्रदेश में पुलिस कॉलेज होने चाहिए, जहां पर इस तरह का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर केंद्रीय और राज्य एफएसएल के निदेशकों सहित अन्य लोग मौजूद थे।