चंडीगढ़। बठिंडा के एक व्यापारी से 1.01 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने के आरोपी बर्खास्त एसआई नवीन फोगाट ने शुक्रवार जिला अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। वह बीते 5 अगस्त से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ अदालत से तीन बार गैर जमानती वारंट जारी हो चुके थे और भगोड़ा करार देने की कार्रवाई चल रही थी। जिला अदालत से भी उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी और हाईकोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली थी।
फोगाट ने सुबह जैसे ही अदालत में आत्म समर्पण किया तो इसकी जानकारी सेक्टर-39 थाना पुलिस को दी गई जहां उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। फोगाट को कुछ समय के लिए अदालत परिसर में बने बख्शी खाने भेज दिया गया। थाना पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की और 26 लाख रुपये की बरामदगी समेत बाकी फरार आरोपियों की जानकारी जुटाने के लिए रिमांड की मांग की। अदालत ने फोगाट को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दायर मामले के मुताबिक फोगाट ने सेक्टर- 40 में व्यापारी संजय गोयल से यह वसूली की थी। पुलिस ने मामले में 6 अगस्त को जबरन वसूली, अपहरण, धोखाधड़ी, धमकाने और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया था।
यह अभी भी फरार
अभी भी पठानकोट निवासी ओंकार उर्फ लक्की उर्फ ग्रेवाल, पवन तथा बुड़ैल का प्रवीण शाह फरार चल रहे हैं। लक्की पवन और प्रवीण का नजदीकी है। पुलिस फरार आरोपियों की संपत्तियां सीआरपीसी 83 के तहत अटैच करवाने की कार्रवाई में भी जुटी है। मामले में एयरोसिटी, मोहाली में इमीग्रेशन कंसलटेंसी चलाने वाला जितेंद्र तथा बठिंडा का सर्वेश भी फरार है। मामले में चंडीगढ़ पुलिए के दो कांस्टेबल शिव कुमार और वरिंदर तथा बरजिंदर सिंह गिल उर्फ अंकित मामले में पकड़े जा चुके हैं। शिव कुमार प्रवीण शाह का पीएसओ था। वहीं, वरिंदर की तैनाती सेक्टर- 40 के बीट बाक्स में थी। गोयल का बठिंडा में चना-दाल का होलसेल का काम है।