चंडीगढ़। पीजीआई में इंडियन सोसाइटी फॉर बोन एंड मिनरल रिसर्च का 18वां वार्षिक सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। दो दिवसीय सम्मेलन में 500 वक्ताओं और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसमें अंतरराष्ट्रीय वक्ता डॉ. सुभाष कुकरेजा ने चर्चा की कि आंत के बैक्टीरिया हड्डियों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। एसजीपीजीआई लखनऊ के एंडोक्राइनोलॉजी के प्रो. सुशील गुप्ता ने बताया कि कम मांसपेशियों के साथ नाजुकता फ्रैक्चर की संभावना बढ़ जाती है। बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों और हड्डियों का द्रव्यमान कम होता जाता है। कम मांसपेशियों के लिए उपचार उपलब्ध है लेकिन मांसपेशियों में गिरावट को रोकने के लिए कोई उपचार उपलब्ध नहीं है।
दूसरे दिन के कार्यक्रम में आयोजित विविध प्रतियोगिता में पीजीआई के डॉक्टरों का दबदबा रहा। प्रश्नोत्तरी, पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति के परिणाम भी घोषित किए गए। इसमें पीजीआई की छात्राओं डॉ. वंदना धीमान और पूनम कुमारी को बेसिक और क्लीनिकल साइड में ओरल प्रेजेंटेशन में प्रथम पुरस्कार मिला। वहीं डॉ. सुबिन एस (पीजीआई) ने क्लीनिकल क्विज में पहला और दिव्या राय (सीडीआरआई, लखनऊ) ने बेसिक साइंस क्विज में पहला स्थान हासिल किया जबकि संकाय मौखिक प्रस्तुति में डॉ. रूपेश (एम्स, नई दिल्ली) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
फोटो कैप्शन : दो दिवसीय सम्मेलन के समापन अवसर पर पीजीआई इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की टीम। अमर उजाला