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गुड न्यूजः हाउस टैक्स में छूट को लेकर मिल सकती है बड़ी राहत, जानिए कितनी?

Mon, 30 Jan 2017 04:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हाउस टैक्स - फोटो : DEMO Pics
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चंडीगढ़ प्रशासन लगातार नगर निगम पर दबाव बना रहा है, जिसके चलते चंडीगढ़वासियों को हाउस टैक्स में बड़ी छूट मिल सकती है। वैसे तो नगर निगम नए वित्तीय सत्र (मार्च के बाद) में शहरवासियों को हाउस टैक्स में भारी भरकम छूट देने के मूड में नहीं है। जबकि पिछले दो साल निगम ने शहरवासियों में हाउस टैक्स जमा करने की आदत डालने के उद्देश्य से 40 से 20 प्रतिशत (180 दिन तक) की छूट दी जा रही थी, लेकिन प्रशासन के दबाव के कारण अब नगर निगम इसमें कटौती करने जा रहा है।
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इस पर अंतिम निर्णय अगले माह होने वाली सदन की बैठक में ही लिया जाएगा। जबकि प्रशासन की ओर से नगर निगम पर पहले से तय हाउस टैक्स के रेट बढ़ाने का भी दबाव बनाया जा रहा है। इस बार नगर निगम ने 20 प्रतिशत तक छूट देने का फैसला कर सकता है। साल 2016 का जो हाउस टैक्स इस समय जमा करवाया जा रहा है, नगर निगम उस पर 25 प्रतिशत जुर्माना वसूल रहा है। पिछले साल 27 सितंबर तक 20 प्रतिशत की छूट थी।

इस समय 25 प्रतिशत का अतिरिक्त हाउस टैक्स के अलावा 12 प्रतिशत ब्याज भी अलग से चार्ज किया जा रहा है। ऐसे में टैक्स जमा कराना काफी महंगा हो  गया है। नए वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल) से फिर से नए सिरे से सभी को हाउस टैक्स का भुगतान करना होगा। लोग ओबीसी, स्टेट बैंक आफ पटियाला की सभी शाखाओं के अलावा अपने नजदीक ई संपर्क सेंटर में हाउस टैक्स जमा करवा सकते हैं।
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व्यापारियों को भी बराबर की छूट दी जाए

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व्यापार मंडल के चेयरमैन एवं मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह का कहना है कि व्यापारियों को भी हाउस टैक्स के बराबर की छूट मिलनी चाहिए। वह यह मांग सदन में भी उठाएंगे। उनका कहना है कि हर साल जो व्यापारी अप्रैल और मई माह (सिर्फ दो माह के लिए) सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत प्रापर्टी टैक्स जमा करवाते है उन्हें 10 प्रतिशत की ही छूट मिलती है।

हाउस टैक्स से हो चुकी है 4 करोड़ की कमाई
अभी तक करीब 4 करोड़ की राशि नगर निगम हाउस टैक्स से कमा चुका है। नगर निगम के अनुसार 80 हजार हाउस टैक्स पेयर हैं। जबकि नगर निगम के अनुसार 20 हजार व्यापारी हर साल प्रापर्टी टैक्स अदा करते हैं जिनसे करीब 20 करोड़ रुपये की कमाई नगर निगम करता है।

प्रशासन ने पूर्व फौजियों की मांग नहीं मानी
रिटायर्ड मेजर एवं पूर्व मनोनीत पार्षद डीएस संधू का कहना है कि  फौजी परिवारों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है, क्योंकि प्रशासन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सैनिक कोई अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि पंजाब में जो सुविधा मिल रही है उसकी ही मांग कर रहे हैं।

कुछ न कुछ छूट जरूर दी जाएगी। इससे लोग जल्दी हाउस टैक्स जमा करवा देते है। इस पर जल्द ही निर्णय ले लिया जाएगा।
- आशा जसवाल, मेयर
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