2022 में चंडीगढ़ के एक व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस एप से ठगी की गई थी उसके संचालकों को ईडी ने गिरफ्तार किया हुआ है। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई जिसमें ठगी के पूरे खेल का खुलासा हो गया।
महज लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में जांच कर रही साइबर क्राइम टीम के हाथ देश नहीं बल्कि विदेशों में भी ठगी करने वाली दो बड़ी मछलियां लगी हैं। ईडी द्वारा गिरफ्तार पुनीत कुमार और आशीष कक्कड़ को जांच टीम बीते मंगलवार को प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। इन दोनों आरोपियों ने करीब 272 घरेलू व अंतरराष्ट्रीय फर्मों व कंपनियों के जरिए 298 बैंक खाते खोलकर लोन एप के जरिए लाखों-करोड़ों नहीं बल्कि पांच हजार करोड़ से अधिक का घपला किया हुआ है।
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ठगों ने खुलासा किया है कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी का खेल खेला जा रहा था। यह बात भी सामने आई कि दोनों आरोपियों ने भारत और विदेशों में मुख्य रूप से चीन, सिंगापुर, हांगकांग और दुबई में कई फर्जी ट्रेडिंग फर्म कंपनियां बनाकर उन्हें संचालित किया।
ये फर्में विभिन्न कर्मचारियों या किराए के व्यक्तियों के नाम पर जाली दस्तावेजों का उपयोग कर पंजीकृत की गई थीं। इनका उपयोग विदेशी पंजीकृत गेमिंग वेबसाइटों द्वारा संचालित ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों से अपराध की आय को इकट्ठा करने, रूट करने और बाहर भेजने के लिए किया जाता था।
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ठगी के इस खेल में पुनीत और मक्कड़ के अलावा आनंद निकेतन, चाणक्यपुरी निवासी केशव सूद और साकेत निवासी शिव दरगर भी शामिल थे जो कि इनके साथ मिलकर हवाला के पैसों को भी इधर से उधर करने का काम करते थे। चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस ने ईडी से संपर्क कर इन आरोपियों का सारा रिकॉर्ड भी मांगा है। साइबर क्राइम जांच टीमों द्वारा तीन दिन के रिमांड के दौरान मामले में गिरफ्तार किए इन दोनों के अलावा इनके ड्राइवर से भी पूछताछ की जा रही है।
चंडीगढ़ निवासी के खाते से ऑनलाइन हुई थी ठगी, 29 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
वर्ष 2022 में चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति के साथ ह्रूगो लोन एप के जरिए उसके खाते में सेंध लगाते हुए ऑनलाइन ठगी की गई थी। इस मामले में शिकायत के आधार पर साइबर थाना में आईपीसी 384, 420, 468, 471, 509, 120बी और आईटी अधिनियम की धारा 66डी, 67 और 14 विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में जांच टीमें अभी तक पहले ही 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
हाल ही में जांच टीम को पता चला कि जिन ऐप के जरिए ऑनलाइन ठगी की गई थी, उस ऐप संचालकों को ईडी ने गिरफ्तार किया हुआ है। जांच टीम ने कोर्ट के आदेशों पर अब दिल्ली जेल में बंद मनोज राठौर, पुनीत कुमार और आशीष कक्कड़ को गिरफ्तार किया। आरोपी मनोज राठौर पुनीत कुमार का ड्राइवर था और उसके नाम पर पुनीत कुमार और आशीष कक्कड़ ने उसके दस्तावेजों व केवाईसी क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं।
विदेशों में चलाई जा रही थी फर्जी नाम की कंपनियां
देशभर में अलग-अलग लोन एप के जरिए लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस मामले में कई जांच एजेंसियां जांच करने में लगी हुई थी और जांच में पुनीत व आशीष मक्कड़ का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि इन दोनों ने घरेलू यानी भारत में करीब 167 फर्मों के लिए 188 बैंक खाते और 105 विदेशी अंतरराष्ट्रीय फर्मों के लिए 110 बैंक खाते खोल रखे थे, जिनमें लोन की एप के जरिए की जाने वाली ठगी के पैसे ट्रांसफर होते थे। इन दोनों ठगों ने विदेशी कंपनियों में से चीन में 46, सिंगापुर में 30, हांगकांग में 18, यूएई में सात, मलेशिया में दो, थाईलैंड और मॉरीशस में एक-एक बनाई हुई थी। इसके अलावा यह दोनों हवाला के पैसों को भी इधर से उधर करते थे।