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सीसीईटी डिग्री विंग की खाली सीटों पर डिप्लोमा विंग के छात्रों को मिले मौका

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) डिप्लोमा विंग के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपने भविष्य के लिए यूटी प्रशासन को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि पीयू मीट में सीसीईटी को शामिल नहीं करें। इसके कारण कुछ विद्यार्थियों को डिग्री विंग में खाली सीटों की जगह मिलने वाला दाखिला बंद हो जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में फैसले लेने को कहा है। साथ ही कहा है कि पीयू लीट के जरिए जो विद्यार्थी वेटिंग में रहे उन्हें सीसीईटी डिग्री विंग में दाखिला मिलना चाहिए।
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डिप्लोमा विंग के विद्यार्थी शुभम भारद्वाज, हिमांशु शर्मा, हर्षित कुमार आदि ने यूटी प्रशासन को लिखे पत्र में कहा है कि सीसीईटी डिग्री कोर्सेज में खाली सीटों को भरने के लिए पीयू लीट की वेटिंग में शामिल विद्यार्थियों को लिया जाता था। हर साल 20 से 30 विद्यार्थियों के दाखिले ऐसे ही हो जाते थे। इससे डिप्लोमा विंग के विद्यार्थियों को डिग्री कोर्सेज के लिए बाहर की दौड़ नहीं लगानी होती थी, लेकिन अब सीसीईटी डिग्री विंग ने पीयू मीट की मान्यता पंजाब यूनिवर्सिटी से ले ली है। पीयू मीट में जेईई के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा और उसी के जरिए डिग्री विंग अपनी खाली सीटों को भरेगा। ऐसे में डिप्लोमा के विद्यार्थियों को खाली सीटों पर दाखिले नहीं मिल सकेंगे। यह नुकसान उन्हें झेलना पड़ेगा, क्योंकि डिप्लोमा विंग के लेटरल एंट्री के जरिए 10 फीसदी ही विद्यार्थियों को डिग्री विंग में दाखिले मिलते थे। खाली सीटों पर 20 से 30 विद्यार्थी और चले जाते थे तो यह लाभ कुछ बढ़ जाता था। विद्यार्थियों का कहना है कि सीसीईटी को डिप्लोमा विंग के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। यूटी प्रशासन से भी यही मांग की है। इस बारे में सीसीईटी के अधिकारी एमएस गुजराल से संपर्क किया गया, लेकिन नहीं हो पाया।
डिग्री विंग में चार ट्रेड शुरू, लेकिन जगह का अभाव
सीसीईटी पहले पॉलिटेक्निक के नाम से जाना जाता था। इसको अपग्रेड करने के नाम पर डिग्री विंग अलग से आठ एकड़ जगह में बना दिया गया। बाकी पॉलिटेक्निक के पास लगभग 28 एकड़ जगह है। डिग्री विंग में चार ट्रेड शुरू की गई, लेकिन उनके पास जगह अभाव है और सुविधाओं की कमी है। डिप्लोमा विंग के पास सात ट्रेड हैं, जिनमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक, मेकेनिकल, सिविल, प्रोडक्शन, आर्किटेक्चर आदि शामिल हैं। इन ट्रेडों के विद्यार्थियों को जब डिग्री करनी होती है तो उसके लिए दाखिले पूरे नहीं मिल पाते हैं। छात्रों का कहना है कि डिप्लोमा विंग के विद्यार्थियों के लिए डिग्री विंग सभी रास्ते बंद कर रही है। अब पीयू मीट को लाया गया है। आगे भी अन्य योजनाएं बन रही हैं जबकि उन्हीं के पॉलिटेक्निक से यह डिग्री विंग बनाया गया है। सभी सुविधाएं डिग्री विंग के विद्यार्थी डिप्लोमा विंग से उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अब यूटी प्रशासन उनके भविष्य को बचा सकता है।
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