हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने विभिन्न विभागों को आगामी 5 वर्षों की कार्यं योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग अगले पांच साल में हरियाणा को एनीमिया मुक्त करने की दिशा में विशेष तौर से कार्य करेगा, जिसमें महिला एवं बच्चों में एनीमिया की कमी को दूर करने के लिए पोषक आहार संबंधित जानकारियां बच्चों के माता-पिता और गर्भवती महिलाओं को दी जाएंगी।
इसके अलावा पर्यावरण विभाग द्वारा प्लास्टिक मुक्त हरियाणा बनाने पर जोर दिया जाएगा। विभाग द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने और कपड़े तथा जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देना आरंभ कर दिया गया है।
धनखड़ ने यह निर्देश बुधवार को आयोजित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों की बैठक के दौरान दिए। बैठक में मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा भी उपस्थित थी। बैठक में यमुना और घग्गर नदियों की सफाई के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जानकारी दी गई। अगले 5 सालों में आंगनवाड़ी केंद्रों को माडर्न आंगनवाड़ी केंद्र बनाने की ओर कार्य किया जाएगा।
बच्चों को दी जाएगी खाद्य मिलावट की जानकारी
स्कूल में ही विज्ञान की पढ़ाई कर रहे बच्चों को मिट्टी, पानी और दूध के साथ-साथ अन्य खाद्य पदार्थों की जांच करना सिखाना चाहिए। इससे बच्चों को मिलावटी खाद्य पदार्थों के बारे में पता लग सकेगा। इस प्रयोग से एक ओर जहां बच्चे जागरूक होंगे, वहीं दूसरी ओर वे अपने घर और आस-पास के लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करेंगे। गांवों में जिम व व्यायामशाला की व्यवस्था की जानी चाहिए।
बैठक में अन्य मुख्य योजना हरियाणा को ड्रग मुक्त बनाना रही। इसके लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। स्कूल और कॉलेजों में काउंसलिंग की आवश्यकता है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग भी इस ओर कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, हर जिले में वृद्धाश्रम खोलने की भी योजना है।
बैठक में श्रम एवं रोजगार विभाग ने के अधिकारियों ने बताया कि बारहंवीं पास बच्चों को सक्षम योजना के तहत रोजगार देने की योजना है। इसके साथ ही भविष्य में 4000 बच्चों को कौशल प्रशिक्षण देने की भी योजना है।
इस योजना के तहत वर्ष 2023 तक 90 प्रतिशत और 2024 तक शत-प्रतिशत कार्य करने की योजना तैयार की गई है। हर जिले में पानी की उपलब्धता करवाना और जहां पानी के गुणवत्ता स्तर में कमी है उसमें सुधार करना है। इसके अलावा, री-यूज वॉटर सिस्टम को सही तरीके से लागू करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गांव में बायोगैस प्लांट बनाने पर जोर दिया जाएगा, इससे गांव गोबर मुक्त बनेंगे और ग्रामीणों को गैस की उपलब्धता भी होगी। हर गांव में जिम खोले जाएंगे। सीवरेज की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा हर कॉलेज में फ्री वाई-फाई देने और ऑनलाइन कॉर्स के माध्यम से पढ़ाई करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उद्योग विभाग द्वारा लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।