डीजीपी सुमेध सिंह सैणी, गुरमीत पिंकी
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पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट ने डीजीपी सुमेध सैनी को राहत देते हुए गुरमीत पिंकी के बयान दर्ज कराने की मांग खारिज कर दी है। शहीद भगत सिंह की भांजी व एनकाउंटर में पति खो चुकी एक महिला की ओर से ब्लैक कैट इंस्पेक्टर गुरमीत पिंकी की ओर से फर्जी मुठभेड़ के संबंध में पिछले साल दिसंबर में मीडिया को दिए बयान दर्ज करने के लिए जुडीशियल कमिशन गठित करनेकी मांग को लेकर दायर याचिका वीरवार को जस्टिस आरके जैन की एकल बेंच ने खारिज कर दी है।
इस मांग के समर्थन में सबूतों के आभाव में यह याचिका खारिज की गई है, हालांकि सबूत जुटाने पर दोबारा हाईकोर्ट आने की छूट बेंच ने दी है। बेंच पहले यह भी कह चुकी है कि एनकाउंटर के दोषी पिंकी के बयान पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। यह भी कहा था कि पंजाब में आतंकवाद के दौरान फर्जी मुठभेड़ों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में पिंकी के बयान दर्ज कराने का समर्थन करती कोई जजमेंट पेश की जानी चाहिए।
पिंकी ने कुछ महीने पहले खुले तौर पर आईपीएस अफसर सुमेध सिंह सैणी के खिलाफ आतंकवाद के दौरान बेकसूर लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का बड़ा आरोप लगाया था। इन्हीं बयानों को कोर्ट रिकार्डिंग की मांग की गई थी, याचिकाकर्ता महिलाओं ने याचिका के साथ पिंकी का शपथ पत्र भी पेश किया गया था कि वह भी बयान दर्ज कराने को तैयार है। फर्जी मुठभेड़ में मौत के घाट उतारे गए गुरप्रीत सिंह की पत्नी परविंदरपाल कौर ने याचिका में कहा था कि पिंकी ने उसके पति की हत्या को भी फर्जी मुठभेड़ होने का खुलासा अपने बयानों में किया है।
लिहाजा उसका बयान रिकार्ड पर लाया जाना चाहिए। परमिंदरपाल कौर के अलावा शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर ढट्ट भी हाईकोर्ट पहुंची थीं। उनके देवर कुलजीत सिंह ढट्ट की हत्या के मामले में पूर्व एसएसपी एसपीएस बसरा समेत कुछ पुलिसकर्मियों को सजा हो चुकी है और बसरा ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर रखी है। दोनों महिलाओं ने एडवोकेट आरएस बैंस के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि पिंकी की ओर से किए गए खुलासे रिकार्ड पर लाया जाना जरूरी है ताकि आतंकवाद के दौरान फर्जी मुठभेड़ के अन्य मामलों में सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिल सके।
हाउसेज़ को दिए खुले बयान में डीजीपी पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन सुमेध सिंह सैणी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कथित तौर पर बेकसूर लोगों को मौत के घाट उतरवाने की कार्रवाई की। पिंकी के इस बड़े कथित खुलासे से हड़कंप मचा था और यह मामला काफी तूल पकड़ चुका था। उल्लेखनीय है कि कई परिवार आतंकवाद के दौरान अपने बेटों के बेकसूर होते हुए भी उनकी हत्या करने का आरोप लगा चुके हैं।