पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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पंजाब के डीजीपी पद पर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति रद्द करने के कैट के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार व डीजीपी दिनकर गुप्ता की अपील पर सभी पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस जसवंत सिंह एवं जस्टिस संत प्रकाश की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को सभी पक्षों ने अपनी दलीलें पूरी कीं। इसके बाद खंडपीठ ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
एंटी ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स के डीजी मोहम्मद मुस्तफा तथा पीएसपीसीएल के डीजी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने दिनकर गुप्ता को गत वर्ष 7 फरवरी को डीजीपी पद पर दी गई नियुक्ति को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में चुनौती दी थी। 17 जनवरी को कैट ने दोनों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए डीजीपी पद पर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया था। इसके बाद कैट के फैसले को पंजाब सरकार और दिनकर गुप्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी।
21 जनवरी को उच्च न्यायालय ने कैट के आदेश पर रोक लगा दी थी। याचिका पर यूपीएससी ने जवाब दायर कर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को सही व उच्चतम न्यायालय द्वारा तय मानकों के अनुरूप बताया था। पंजाब सरकार ने भी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को सही बताते हुए कैट के आदेश को रद्द करने की अपील की थी।
अपील पर यूपीएससी ने अपना जवाब दायर कर दिनकर गुप्ता की डीजीपी (हेड ऑफ पुलिस फोर्स) के पद पर नियुक्ति को सही ठहराया था। यूपीएससी ने कहा कि यह नियुक्ति उच्चतम न्यायालय द्वारा तय गाइडलाइन्स के अनुसार ही की गई है। वहीं, पंजाब सरकार ने भी इस नियुक्ति को सही करार दिया था।