सावन भगवान शिव का प्रिय मास है। चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। ऐसे में इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश की कृपा बरसेगी। वैभव और कृति बढ़ेगी।
सावन के पहले सोमवार पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस बार सावन का सोमवार खास है। सावन के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी सोमवार को है। ऐसे में सोम जयंती योग पड़ रहा है। सावन का पहला साेमवार को बेहद खास योग आयुष्मान सोम जयंती योग बन रहा है।
सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में ऐसा वर्णित है कि भगवान शिव तब प्रसन्न होते हैं जब उनके पहले उनके गण और परिवार की पूजा होती है। ऐसे योग में पूजा करने से पुत्र की कामना पूर्ण होने के साथ साथ पुत्र की विद्या बढ़ने के साथ साथ रोग समाप्त होते हैं।
आयुष्मान योग दीर्घायु बनाता है...
उन्होंने कहा कि आयुष्मान योग 13 जुलाई रविवार को शाम में 6 बजकर 01 मिनट पर शुरू हो गया। यह सोमवार को शाम 4 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। सोमवार का बहुत महत्व है। सोम भगवान शिव का दिन है। प्रदोष काल में भगवान को गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक पूजन करने पर मनचाहा फल की प्राप्ति होती है।
पार्थिव पूजा का महत्व
सेक्टर 8 के प्राचीन शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित आयोध्या प्रसाद शास्त्री ने बताया कि ऐसे योग में पार्थिव शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। पार्थिव पूजन से करोड़ों गुणा फल मिलता है। भगवान का गंगाजल, पंचामृत से अभिषेक कर वेलपत्र और शमी पत्र चढ़ाने से सभी मनोमामनाएं पूर्ण होती हैं।