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Chandigarh News: प्रभात फेरी में उमड़े श्रद्धालु, कथा व्यास इंद्रेश उपाध्याय महाराज हुए शामिल

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चंडीगढ़। सेक्टर-20 में गायक बी प्राक के घर से सोमवार की सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। इस प्रभात फेरी में कथा व्यास इंद्रेश उपाध्याय महाराज विशेष रूप से शामिल हुए। आकर्षक तरीके सजे रथ पर ठाकुर जी को विराजमान कराया गया। श्रद्धालु नृत्य संकीर्तन करते हुए प्रभात फेरी में चले। महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुई।
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पांच बजे से प्रभात फेरी शुरू होना था। श्रद्धालु चार बजे ही पहुंचना शुरू हो गए। बी प्राक के घर के सामने पार्क में भक्तों ने कीर्तन किया। कथा व्यास सुबह करीब सवा 6 बजे पहुंचे और उसके बाद प्रभात फेरी शुरू हुई।

सहना और कुछ नहीं कहना यही प्रेम है: कथा व्यास
शाम में सेक्टर 34 के प्रदर्शनी ग्राउंड में श्री कृष्ण प्रिया जू संकीर्तन मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा और वृंदावन प्रकट उत्सव के तीसरे दिन इंद्रेश उपाध्याय महाराज ने प्रवचन किया। प्रवचन के दौरान कथा व्यास ने कहा कि फल की प्राप्ति के लिए भजन मत कीजिए। मृत्यु से भयभीत होकर भी भजन न करो। सहना और कुछ न कहना यही प्रेम का स्वरूप है। विरह को सहना और कभी नहीं कहना यही मीरा का प्रेम है। कथा के बीच बीच में कथा व्यास ने भजन भी गाए। उनके भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु झूमते रहे और नृत्य करते रहे।
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शरद पूर्णिमा की महिमा का गुणगान किया
इंद्रेश महाराज ने शरद पूर्णिमा की असल महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन स्वयं श्री कृष्ण है। शरद पूर्णिमा का चंद्रमा साक्षात किशोरी जी हैं। किशोरी जी जब शरद पूर्णिमा पर प्रकट होती है तो वृंदावन का रस अलग ही होता है। क्योंकि शरद पूर्णिमा पर श्री कृष्ण का किशोरी जी से मिलन उत्सव होता है उस दिन चंद्रमा अपने प्रकाश व छांव से पूरे वृंदावन को रसयुक्त कर देता है।
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कथा के दौरान गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज और प्रसिद्ध भागवत वक्ता आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज की पत्नी रेणुका गोस्वामी भी पहुंची।
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