मुख्यमंत्री के निर्देश पर शहरी निकाय विभाग ने शुरू की कार्यवाही
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने करीब 1588 ऐसी संपत्तियों की पहचान की है, जिनके मालिकों ने एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, लाइसेंस कॉलोनियों, सीएलयू प्राप्त संपत्तियों, लाल-डोरा आवासीय संपत्तियों एवं कृषि संपत्तियों में विकास शुल्क अदा कर दिया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने निर्णय लिया है कि ऐसे संपत्ति मालिकों की ओर से जमा करवाए गए विकास शुल्क की राशि को वापस कर दिया जाएगा। विभाग की ओर से संबंधित नगर पालिकाओं को ऐसी संपत्तियों का विवरण उपलब्ध करवा दिया है। इन संपत्ति धारकों को एसएमएस से सूचना भी दी गई है कि वे इस संदर्भ में निर्धारित प्रावधानों के तहत एनडीसी पोर्टल पर आवेदन करके अदा की गई विकास शुल्क की राशि को वापस प्राप्त कर सकते है। करीब 5.19 करोड़ की राशि वापस की जा रही है।