कांग्रेस विधायक ने उठाया सवाल, विज बोले- जांच करवाउंगा कि क्यों नहीं लगी मशीन, कमी मिलने पर कार्रवाई भी करूंगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रश्नकाल के दौरान डबवाली से कांग्रेस के विधायक अमित सिहाग ने अपने क्षेत्र के नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि 2020 में स्वास्थ्यकर्मी जब डबवाली के अस्पताल से अल्ट्रासाउंड की मशीन को लेकर अंबाला गए थे तो उस दौरान सदन में स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया था कि छह महीने के भीतर अस्पताल में मशीन लगवा दी जाएगी। उसके बाद 2022 में बजट सत्र में भी स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया था कि छह महीने के भीतर पीपीपी मोड के तहत अल्ट्रासाउंड की मशीन और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति कर दी जाएगी। सदन में आज फिर स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जवाब मिला कि छह महीने के भीतर अल्ट्रासाउंड की मशीन लगवा दी जाएगी। तीन साल से सरकार की ओर से सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है। काम कोई नहीं हो रहा है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सदन में कहा कि उनके कहने के बावजूद मशीन क्यों नहीं लगी, इसकी जांच करवाएंगे। यदि किसी की कमी दिखी तो कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने सदन में कहा कि यह अनिल विज की बात है, अगले छह महीने या उससे पहले डबवाली के अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद सिहाग ने डबवाली में नशा मुक्ति केंद्र के दोबारा शुरू होने और मनोचिकित्सक की नियुक्ति का मुद्दा उठाया। इस पर विज ने कहा कि हिसार से डेपुटेशन पर भेजे गए मनोचिकित्सक की नियुक्ति स्थायी तौर पर कर दी जाएगी। मनोचिकित्सक की नियुक्ति होने के बाद नशा मुक्ति केंद्र भी शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में मनोचिकित्सक की बेहद कमी है। 54 मेडिकल अफसर चंडीगढ़ पीजीआई से ट्रेनिंग ले रहे हैं। 29 डॉक्टरों को बंगलूरू निम्हांस से मनोचिकित्सक से डिप्लेमा करवाया गया है। उनकी नियुक्ति जल्द की जाएगी।
सोनीपत, बहादुरगढ़, यमुनानगर में होगी कैथलैब, 134 सब हेल्थ सेंटर की मंजूरी
यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास के पूछे सवाल पर विज ने बताया कि 162 पुरानी पीएचसी और सीएचसी को तोड़ने का काम शुरू हो गया है। इन सभी की नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। वहीं, 134 सब हेल्थ सेंटर, 2 प्राइमरी हेल्थ सेंटर, एक कम्युनिटी और 37 पब्लिक हेल्थ सेंटर को प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है। यमुनानगर के नागरिक अस्पताल में पीपीपी मोड के तहत कैथ लैब व एमआरआई की सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सोनीपत, बहादुरगढ़ (झज्जर) और यमुनानगर में कैथ लैब के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। वहीं, कुरुक्षेत्र, पानीपत, बहादुरगढ़, पलवल और चरखीदादरी में पीपीपी मोड के तहत एमआरआई मशीन स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पंचकूला, पानीपत, फरीदाबाद, सोनीपत, पलवल, नल्हड़ (नूंह), कैथल और सिरसा में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल बनाया जा रहा है।
एक साल में एक लाख 27 हजार 248 बच्चों के दाखिले घटे
कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के पूछे सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि 2022-23 में राज्य के सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन पूर्व महामारी वर्ष 2019-20 से 16.57 प्रतिशत अधिक था। हालांकि पटल में रखे गए उनके जवाब के मुताबिक 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में एक लाख 27 हजार 248 बच्चों के दाखिले कम हुए थे। 2021-22 में पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में कुल 25 लाख 38 हजार 959 विद्यार्थियों के दाखिले हुए थे। वहीं 2022-23 में 24 लाख 11 हजार 711 विद्यार्थियों के दाखिले हुए। मलिक ने दाखिले कम होने की वजह पूछी तो शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि दाखिला माता-पिता की इच्छा पर आधारित होता है तो मलिक ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था ठप है। स्कूलों में टीचर नहीं हैं। बैठने की जगह नहीं है। इसलिए स्कूल बंद हो रहे हैं।
अतिथि अध्यापकों को स्थायी करने का कोई प्रावधान नहीं
विधायक सुरेंद्र पंवार की ओर से पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने बताया कि अतिथि अध्यापकों की सेवाओें को स्थायी करने का कोई प्रावधान नहीं है। इस दौरान विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि साल 2021 में अतिथि अध्यापकों को स्थायी करने को लेकर एक कमेटी का गठन हुआ था। उस रिपोर्ट का क्या हुआ। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें इस कमेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि हरियाणा अतिथि अध्यापक सेवा अधिनियम 2019 से शुरू होने की तारीख से पूर्व कार्यरत अतिथि अध्यापक सेवानिवृत्ति की आयु तक विभाग में कार्यरत रहेंगे, भले ही उनकी नियुक्ति का तरीका या सेवा की अवधि कुछ भी हो।
भाजपा विधायक ने महेंद्रगढ़ के किसानों को सरसों की फसल का मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया
भाजपा विधायक अभय सिंह यादव ने सवाल उठाया कि महेंद्रगढ़ के किसानों को 2022 की सरसों की फसल का मुआवजा नहीं मिला है। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सभी क्लेम की एवज में महेंद्रगढ़ के संबंधित किसानों को 6.75 करोड़ रुपये की राशि पूर्ण रूप से जारी कर दी गई है। इस संबंध में जिले के किसी भी किसान का कोई क्लेम बकाया नहीं है। इस पर यादव ने कहा कि उनके पास जो सूची है, उनमें किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। स्पीकर के हस्तक्षेप करने पर यादव ने कहा कि वह इसकी सूची मंत्री को सौंप देंगे। इस दौरान मंत्री ने कहा कि 287 करोड़ के क्लेम पर विवाद भी चल रहा है।