-न सैलजा ने हुड्डा को नामांकन के लिए बुलाया और न ही हुड्डा गुट के नेता गए
-सिरसा को अकेले छोड़ प्रदेशाध्यक्ष और हुड्डा ने नौ सीटों के लिए संभाला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/ सिरसा। हरियाणा में लोकसभा के टिकटों का आवंटन होने के बावजूद कांग्रेस की धड़ेबाजी कायम है। हुड्डा और एसआरके गुट के नेता अपने-अपने स्टैंड पर कायम हैं। अधिकतर अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने समर्थक प्रत्याशियों के नामांकन से लेकर प्रचार तक का मोर्चा संभाल लिया है। हुड्डा विरोधी सिरसा से प्रत्याशी कुमारी सैलजा के लोकसभा क्षेत्र से इस गुट ने किनारा कर लिया है। हालांकि, सैलजा को रणदीप सुरजेवाला, किरण चौधरी के अलावा हुड्डा के विरोधी रहे चौधरी बीरेंद्र सिंह का साथ भी मिल गया है। बुधवार को कुमारी सैलजा ने सिरसा से अपना नामांकन दाखिला किया। नामांकन के दौरान उपरोक्त नेताओं के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन, विधायक अमित सिहाग, विधायक शीशपाल केहरवाला आदि मौजूद रहे। पुलिस की ओर से बैरिकेड्स लगाकर रोकने पर कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी करते हुए डीएसपी से बहस की। आने वाले दिनों में कांग्रेस में गुटबाजी कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका है।
उधर, पूर्व सीएम हुड्डा ने सोनीपत से सतपाल ब्रह्मचारी और करनाल से दिव्यांशु बु्द्धिराजा के नामांकन दाखिल कराए, यहां पर प्रदेशाध्यक्ष उदयभान भी मौजूद रहे। इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों में एसआरके गुट के समर्थकों ने दूरी बनाए रखी। इससे पहले, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान कह चुके हैं कि अगर कुमारी सैलजा हमें बुलाएंगी तो जरूर जाएंगे। साथ ही चौधरी बीरेंद्र सिंह भी इसी प्रकार के बयान दे चुके हैं कि वह जो भी बुलाएगा, उसके लिए प्रचार करेंगे, बिना बुलाए कहीं पर भी नहीं जाएंगे।
चर्चा में रही चौधरी बीरेंद्र सिंह और किरण की गुफ्तगू
सिरसा में कुमारी सैलजा के पहुंचने से पहले ही चौधरी बीरेंद्र सिंह पहुंच गए थे। यहां उनकी किरण चौधरी के साथ गुफ्तगू चर्चा में रही। नामांकन में पहुंची श्रुति चौधरी भी कार्यकर्ताओं के साथ फोटो खिंचवातीं नजर आईं। जब तक नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, श्रुति चौधरी गाड़ी में बैठे इंतजार करती नजर आई।
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अब प्रचार पर टिकीं नजरें
टिकट आवंटन और नामांकन के बाद अब लोकसभा चुनावों में प्रचार को लेकर भी गुटबाजी सामने आनी तय है। क्योंकि कुमारी सैलजा भी कांग्रेस की दिग्गज नेता हैं और वह हुड्डा को अपने हलके में प्रचार के लिए कतई नहीं कहेंगी। इसी प्रकार बिना बुलाए हुड्डा सैलजा के लिए प्रचार करने के लिए नहीं जाएंगे। हां, ये तय है कि हाईकमान के नेता जब भी प्रदेश में कोई बड़ी रैली या कार्यक्रम करेंगे तो प्रदेश के सभी कांग्रेसी नेता एक मंच पर नजर आएंगे।