चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने गोल्ड मेंबरशिप लेने के बावजूद पसंद की सुविधा न देने के मामले की सुनवाई करते हुए वर्ल्ड ट्रैवल आर्क कंपनी को सेवा में कोताही बरतने का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता को हर्जाना के रूप में 72 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए आठ हजार व केस में खर्च हुए दस हजार रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं।
सेक्टर-38 निवासी शैली सिंगला व अतुल गोयल ने जिला उपभोक्ता को दी याचिका में बताया कि वर्ल्ड ट्रैवल आर्क कंपनी के एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने कहा कि शिकायतकर्ताओं ने सेक्टर-17 में होटल जेम्स में पारिवारिक रात्रिभोज के लिए एक लकी कूपन जीता है। वहां पहुंचने पर कंपनी की ओर खुद को दुनिया की सबसे शानदार सर्विस देने वाली ट्रैवल कंपनी बताते हुए 95 हजार रुपये की लागत से गोल्ड मेंबरशिप लेने की बात कहीं। मेंबरशिप लेने के लिए शिकायतकर्ता की ओर से 40 हजार रुपये का अग्रिम भुगतान किया गया। इसके बाद सदस्यता लेकर बाकी का भुगतान किया गया। मेंबरशिप की वैधता फरवरी 2018 से जनवरी 2023 तक थी। इस दौरान शिकायतकर्ताओं ने एक दिन मनाली में बुकिंग की, लेकिन सुविधाएं पसंद न आने पर कैंसिल कर दिया। ऐसे ही शिमला और दार्जिलिंग में कमरे बुक करने की कोशिश की, लेकिन कंपनी की ओर से फिर से औसत होटल की पेशकश की गई। अंडमान और निकोबार व रामेश्वरम में बुकिंग के लिए कंपनी की ओर वार्षिक सदस्यता के रूप में छह हजार रुपये की मांग की गई। इस मामले पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग ने वर्ल्ड ट्रैवल आर्क कंपनी को शिकायतकर्ता को हर्जाना के रूप में 72 हजार रुपये देने के आदेश दिए।