अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद सोमवार को नाभा जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया जेल से बाहर नहीं आ सके। इसका कारण जमानत आदेश की प्रति का जेल प्रशासन तक न पहुंचना बताया जा रहा है। मजीठिया की रिहाई की उम्मीद में जेल के बाहर जुटे अकाली दल के कार्यकर्ता और समर्थक देर शाम निराश होकर वापस लौट गए।
जमानत की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता और मजीठिया समर्थक नाभा जेल के बाहर एकत्र हो गए। कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और वे लगातार मजीठिया के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। इस दौरान नाभा हलका इंचार्ज मक्खन सिंह लालका भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। समर्थकों ने आरोप लगाया कि मौजूदा पंजाब सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से मजीठिया को झूठे मामले में फंसाया है। उनका कहना था कि अकाली दल को शुरू से ही देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा था और अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने से यह विश्वास और मजबूत हुआ है। कार्यकर्ताओं ने इसे सच और न्याय की जीत करार दिया।
कुछ समय बाद जब यह स्पष्ट हुआ कि जमानत आदेश की औपचारिक प्रति जेल प्रशासन तक नहीं पहुंची है और फिलहाल रिहाई संभव नहीं है तो समर्थकों में मायूसी छा गई। अंततः सभी कार्यकर्ता और समर्थक निराश होकर लौट गए। जेल प्रशासन के अनुसार, आदेश की प्रति मिलते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।