पानीपत। राजीव गांधी कॉलोनीवासियों को सीएम के बाद प्रशासन के यहां पर भी
मायूसी हाथ लगी और उनको कस्टोडियम की जमीन की रजिस्ट्री न हो सकने का जवाब
सुनकर लौटना पड़ा।
कॉलोनीवासियों ने मंगलवार को डीसी से मिलकर मांगों को आखिरी बार रखने का फैसला लिया है। ऐसा न होने पर विधानसभा चुनाव में रिश्तेदारों समेत बहिष्कार करने का अल्टीमेटम दिया है।
राजीव गांधी कॉलोनी सुधार समिति के बैनर तले राजीव गांधी कॉलोनी के सैकड़ों लोग सोमवार को लघु सचिवालय पर पहुंचे। उन्होंने डीस के न होने पर सीटीएम प्रदीप कौशिक को अपनी बात रखी।
समिति प्रधान राजिंद्र धींगड़ा ने बताया कि कॉलोनी कस्टोडियन की जमीन में बसी है और वे 1990 से कॉलोनी की रजिस्ट्री कराने की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से 2001 में कलेक्टर रेट अनुसार रजिस्ट्री करने की घोषणा की थी।
इसके बाद इसे रेट फिर से रिवाइज कर दिए। कालोनीवासी 2001 के रेट अनुसार रजिस्ट्री कराना चाहते हैं और कॉलोनी के 1700 परिवार में से पांच सौ आवेदन भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रशासन पीछे हट गया और वे अपनी मांगों को लेकर सीएम को कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत मॉडल टाउन क्षेत्र में कस्टोडियन की जमीन पर रजिस्ट्री हो चुकी है। वे उसी तर्ज पर कॉलोनी की जमीन की रजिस्ट्री भी कराना चाहते हैं। इस मौके पर उप प्रधान विनोद खन्ना, कुलवंत सिंह, चंद्रभान, इंद्रजीत, सुरेंद्र कुमार, सुनीता, उर्मिला देवी, तनुजा, सावित्री, बबीता और इंदु मौजूद रही।