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पंचकूला हिंसाः डेढ़ साल बाद भी हाथ नहीं आया आदित्य इंसा, हाईकोर्ट में डीजीपी क्राइम का हलफनामा

Tue, 19 Mar 2019 11:06 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
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Aditya Insan - फोटो : File Photo
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में हुए दंगों, आगजनी और तोड़फोड़ के मास्टर माइंड आदित्य इंसा को हरियाणा पुलिस अब तक गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। हालांकि एक लाख के इनामी डॉ. पीआर नैन और 50-50 हजार के इनामी अन्य चार लोगों सहित पुलिस ने अब तक 1511 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी सोमवार को हरियाणा के डीजीपी (क्राइम) पीके यादव द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हलफनामा दायर करके दी गई।
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हाईकोर्ट को बताया गया कि पंचकूला में दंगें, तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा के मामलों में 240 केस दर्ज किए गए थे। इनमें से 207 केसों में अदालत में चालान पेश कर दिए गए हैं। इन सभी मामलों में 1511 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ पर एक से अधिक केस दर्ज हैं। इस लिहाज से अब तक कुल 2644 गिरफ्तारियां हुई हैं। हलफनामे में बताया गया कि पिछले साल सितंबर में हाईकोर्ट द्वारा कोर ग्रुप ऑफ अफसर की टीम गठित करके दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए थे।

आदेश पर अमल करते हुए अब तक 24 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक लाख का इनामी आरोपी डॉ. पीआर नैन (डेरे का एक मुख्य प्रबंधक) भी शामिल है। इसे पिछले साल 3 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और इन सभी के खिलाफ अदालत में चालान और सप्लीमेंट्री चालान पेश किए जा चुके हैं। हलफनामे में कहा गया कि चार भगोड़े करार दिए गए आरोपियों- हरदराम सिंह, जसबीर बाल्की, इकबाल सिंह बग्गर और अर्श अरोड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इन सभी को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
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रिकवर डाटा आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को उपलब्ध कराया जा रहा

हाईकोर्ट को बताया गया कि डेरे में छानबीन के दौरान जब्त की गई हार्ड डिस्क, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा उपकरणों से डाटा रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सीएफएसएल ने 462 ब्लैंक हार्ड डिस्क और 102 ब्लैंक एक्सटर्नल हार्ड डिस्क की मांग की थी। इसके लिए 26 लाख रुपये का खर्च भी बताया गया था, जिसे गृह मंत्रालय द्वारा जारी कर दिया गया है।

हाईकोर्ट को बताया गया कि रिकवर किया गया डाटा आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि सभी मामलों की समानांतर जांच की जा सके। इस बीच पं. बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी के वीसी की ओर से भी हलफनामा दाखिल किया गया। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान डेरे के अस्पतालों, वहां डाक्टरों और अन्य स्टाफ की शैक्षिक योग्यता संबंधी जानकारी जुटाने के बीडी यूनिवर्सिटी को आदेश दिए गए थे।

वीसी की ओर से सोमवार को दाखिल हलफनामे में कहा गया कि 118 कर्मचारियों में से 95 की डिग्री संबंधी रिपोर्ट संबंधित यूनिवर्सिटी और संस्थानों से मिल गई है, जिन पर आगे की जांच के लिए नोडल अफसर लगाया गया है, जिसका जवाब आना अभी बाकी है।
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डेरे के दो संस्थानों ने अपने बैंक खातों से सील हटाने की मांग की

डेरा सच्चा सौदा से संबंधित दो संस्थानों के बैंक खातों पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद लगाई गई सील हटाने की मांग की गई है। इस संबंध में दोनों संस्थानों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। डेरे में चल रहे दो संस्थानों ने सीनियर एडवोकेट वीजे जिंदल के मार्फत अपने बैंक खातों पर सील लगाने के आदेश वापस लिए जाने की मांग की है।

एडवोकेट जिंदल ने हाईकोर्ट से कहा कि दोनों ही संस्थानों का डेरे से कोई लेना-देना नहीं है और वह सिर्फ डेरे के भीतर कार्यरत हैं। ऐसे में उनके बैंक खातों को सील किये जाने के आदेश वापस लिए जाने चाहिएं। हाईकोर्ट ने इस मांग पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर इन दोनों संस्थानों के बारे में रिपोर्ट भी तलब कर ली है।

साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में नहीं हुई सुनवाई
400 साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में सोमवार को सीबीआई की अदालत में सुनवाई नहीं हुई। सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड रखने के कारण नहीं हो सकी। जबकि अब मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी। वहीं बचाव पक्ष को 12 अप्रैल को सभी दस्तावेज दिए जाएंगे।
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