उन्होंने कहा कि कुछ लोग पंजाब की शांति भंग करने की साजिश रच रहे हैं। श्रद्धांजलि समागम में कांग्रेसी नेता रणजीत सिंह बढेरा, आल इंडिया रिटेलर फेडरेशन के ओंकार गोयल ने भी विचार रखे।
इस मौके पर डेरा कमेटी द्वारा महिंदरपाल बिट्टू को महाशहीद का दर्जा दिया गया और भविष्य में उसके परिवार का सारा खर्च उठाने की भी घोषणा की गई। करीब चार साल के बाद खुले मैदान में आयोजित हुए डेरा सिरसा के समागम को लेकर पुलिस द्वारा पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे और समागम स्थल के साथ-साथ शहर भर में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात थी। नाकाबंदी करके वाहनों की तलाशी तक ली गई।
पंजाब पुलिस की एसआईटी ने पिछले साल सात जून को बरगाड़ी बेअदबी मामले में महिंदरपाल बिट्टू को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से गिरफ्तार किया था।
इस केस में सीबीआई द्वारा चालान पेश न किए जाने के चलते उसे पिछले साल सितंबर में ही जमानत मिल गई थी लेकिन मोगा व कोटकपूरा में दो अन्य केसों की वजह से वह इन दिनों नाभा जेल में बंद था। जहां 22 जून को उसकी हत्या कर दी गई थी। लगातार दो दिन विवाद रहने के बाद 24 जून को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था।