आर्मेनिया से नामी गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह धालीवाल उर्फ बुड्डा का भारत प्रत्यर्पण कर दिया गया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि सुखप्रीत शुक्रवार आधी रात के करीब दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। पंजाब पुलिस वहां से उसे हिरासत में ले लेगी। इसके लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं।
दविंदर बंबीहा गिरोह का स्व घोषित प्रमुख बुड्डा कत्ल, कत्ल की कोशिश, दुष्कर्म, गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम एक्ट (यूएपीए) आदि के 15 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित है। हाल ही में वह अपने खालिस्तान समर्थक साथियों से संपर्क के कारण खुफिया एजेंसियों की नजर में आया था।
मोगा की तहसील नेहाल सिंह वाला के कुस्सा का रहने वाला बुड्डा साल 2011 में कत्ल के मामले में दोषी घोषित किया था। वह 2016 में पैरोल के दौरान भाग गया। बाद में उसे भगोड़ा करार दिया गया था। उसके खिलाफ हरियाणा के अलग-अलग थानों में भी केस दर्ज हैं। डीजीपी के अनुसार पंजाब पुलिस यूएई में उसे काबू करने में असफल रही थी।
आखिर 8 अगस्त, 2019 को आर्मेनिया की पुलिस ने बुड्डा को पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद यूरोप में कुछ खालिस्तान समर्थकों ने बुड्डा की गिरफ्तारी संबंधी फेसबुक पर एक अपडेट किया था। इसमें उसे खालिस्तान के लिए एक मजबूत आवाज कहा गया था।
दरअसल बुड्डा ने इससे पहले नाभा जेल में डेरा सच्चा सौदा के एक कार्यकर्ता मनिंदर पाल बिट्टू की हत्या की जिम्मेदारी अपने फेसबुक अकाउंट पर ली थी। इसके बाद एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस, जालंधर हरकमलप्रीत सिंह खख और डीएसपी (ओसीसीयू) बिक्रम बराड़ के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम को बुड्डा के प्रत्यर्पण के लिए तालमेल का जिम्मा सौंपा गया था।
बुड्ढा पर ये केस
- डीजीपी ने बताया कि अप्रैल 2017 में पंजाबी गायक परमीश वर्मा पर हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता था।
- वह मशहूर पंजाबी गायकों/अदाकारों और कारोबारियों से वसूली करने की धमकियों के पीछे भी था।
- बुड्डा के कहने पर मशहूर पंजाबी गायक करन औजला पर कनाडा में हमला किया गया ।
- 2011 में मोगा के गांव कुस्सा के जुगराज सिंह के कत्ल में दोषी करार दिया था, पैरोल के दौरान हुआ फरार।
- फरीदकोट के पीएस जैतो में चावल मिल मालिक रवींदर कोचर से वसूली और कत्ल केस में शामिल।
- उसके खिलाफ सिरसा (हरियाणा) के साथ-साथ रायकोट (लुधियाना), सरहिंद (फतेहगढ़ साहिब) और शंभू (पटियाला) में आर्म्स एक्ट के केस हैं।
- पटियाला में एनडीपीएस एक्ट के तहत भी केस दर्ज।